
जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट/उत्तरकाशी
उत्तराखंड के बारह जिलों में आसन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जहाँ कुछ गावों में प्रत्याशी अपनी जीत के लिए मांस-मदिरा व धनबल का सहारा लेते हैँ वहीं उत्तरकाशी जनपद में एक ग्राम पंचायत ऐसी भी है जहाँ आजादी के बाद से अबतक ग्राम प्रधान के चुनाव नहीं हुए है!
नौगांव ब्लॉक के कंसेरु गांव में बरसों से चली आ रही परंपरा को हमेशा की भांति इस बार भी ग्रामीणों ने बरकरार रखते हुए ग्राम प्रधान को निर्विरोध चुन लिया है। इस बार सतीश राणा को निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाया गया। जबकि पुष्पा राणा को गांव से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुना गया है, हालांकि क्षेत्र पंचायत के लिए कृष्णा गांव से भी प्रतिद्वंद्वी खड़ा है लेकिन कृष्णा गांव के मुकाबले कंसेरु गांव में मतदाता ज्यादा होने से यहां के उम्मीदवार के जितने की अधिक संभावना है। ग्रामीणों ने निर्विरोध चुने गए इन प्रतिनिधियों को बधाई देकर गांव के विकास को लेकर जुट जाने की शुभकामनाएं भी दी हैं। कंसेरु गांव में आज तक ग्राम प्रधान के लिए कभी चुनाव नहीं हुआ है। यहां आज भी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा वार्ड सदस्य सहित सभी पदों पर प्रत्याशियों के चुनाव आपसी सहमति से निर्विरोध किया जाता है।
बड़कोट तहसील से करीब 6 किमी की दूरी पर स्थित लगभग 1500 की जनसंख्या वाले कंसेरु गांव में करीब 671 मतदाता हैं। स्वतंत्र भारत के बाद जब से कंसेरु गांव में पंचायत चुनाव हुए हैं। तब से लेकर आज तक यहां ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य व वार्ड सदस्य के पद पर कभी चुनाव नहीं हुए हैं। कंसेरु गांव निवासी अनिल रावत बताते हैं कि कंसेरु गांव में 45 सालों तक चार लोगों ने ही सफलतापूर्वक ग्राम प्रधान का कार्यभार संभाल रखा। सबसे पहले ग्राम प्रधान के लिए अमर सिंह राणा निर्विरोध चुने गए थे, जो लगातार तीन बार 15 साल तक ग्राम प्रधान बने रहे। उनकी मृत्यु के बाद ही गांव में दूसरा ग्राम प्रधान चुना गया। जिसके बाद गुलाब सिंह राणा 5 वर्ष, जोत सिंह रंवाल्टा 10 वर्ष तथा गजेंद्र सिंह राणा 15 वर्ष तक ग्राम प्रधान बने रहे। जिनके बाद सोबन देई राणा को ग्राम प्रधान चुना गया। वह कंसेरु की प्रथम महिला ग्राम प्रधान बनी। फिर शैला देवी, रविन्द्र राणा और आनंदी को ग्राम प्रधान चुना गया। आनंदी गांव की प्रथम अनुसूचित जाति महिला ग्राम प्रधान बनी और जिसके बाद सरिता राणा और अब इस बार सतीश राणा को कंसेरु गांव के ग्राम प्रधान की कमान सौंपी गई है। ये सभी ग्राम प्रधान सर्व सम्मति से निर्विरोध चुने गए हैं।
कंसेरु गांव निवासी अनिल रावत, कुलदीप राणा कहते हैं कि हमारे यहां हमारे पूर्वजों द्वारा जनहित एवं गांव हित के लिए बनाई गई परंपरा को बनाए रखना हमारा परम कर्तव्य है। गांव में आज सभी युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों की बनाई गई परंपरा पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है और उम्मीद है कि आगे भी यह परंपरा निरंतर बनी रहेगी।
ग्राम प्रधान के साथ-साथ हर एक चुनाव के लिए कंसेरु गांव के ग्रामीणों की एकता और अखंडता हर क्षेत्र के लिए एक मिसाल कायम करती है। बड़कोट में स्थित राजकीय महाविद्यालय बड़कोट में छात्र संघ चुनाव हेतु भी कंसेरु गांव ने चार छात्रसंघ अध्यक्ष दिए हैं, जिनमें कंसेरु गांव से सर्वप्रथम कुलदीप राणा महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे, जिसके बाद अनिल रावत, विनोद राणा और ऋषभ भी अलग-अलग वर्षों में बड़कोट महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे हैं। साथ ही कंसेरु गांव से जशोदा राणा उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर भी विराजमान रही हैं।