उत्तराखंड Express ब्यूरो
उत्तरकाशी/देहरादून
उत्तराखंड ब्राह्मण समाज महासंघ (पंजी.) ने उत्तराखंड सरकार से बड़कोट स्थित महर्षि जमदग्नि आश्रम और सहस्रार्जुन किले के क्षेत्र को “श्री परशुराम धाम” घोषित करने की मांग की है। महासंघ ने यह मांग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पीलीभीत जनपद के जलालाबाद को “श्री परशुराम पुरी” घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में की। जमद्गनी आश्रम उत्तरकाशी जनपद की बड़कोट तहसील के ग्राम सभा थान, पट्टी ठकराल में स्थित है!जहाँ पर एक कल्पवृक्ष भी मौजूद है! बैठक की अध्यक्षता महासंघ अध्यक्ष पंडित रामप्रसाद गौतम ने की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में पौराणिक स्थलों के उत्थान की तरह भगवान विष्णु के छठे अंशावतार भगवान परशुराम की जन्मस्थली बड़कोट का भी जीर्णोद्धार होना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मार्ग को “ऑल वेदर रोड” से जोड़ने की भी मांग की, ताकि श्रद्धालु और पर्यटक सुगमता से यहां पहुंच सकें। महासचिव डॉ. वी.डी. शर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी ब्राह्मण संगठनों को एकजुट होकर इस पुनीत कार्य में सहयोग करना चाहिए। विधि सलाहकार सिद्धनाथ उपाध्याय ने समाज के निर्बल व जरूरतमंद वर्ग की मदद के लिए भी ब्राह्मण समाज से आगे आने की अपील की। महासंघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया कि पूर्व मान्यताओं और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर बड़कोट क्षेत्र को “श्री परशुराम धाम” का दर्जा दिया जाए। संगठन का मानना है कि इससे धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।