जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
प्रशासन गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और सहयोग समय पर उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी) पर नियमित रूप से प्रसव पूर्व देखभाल और मासिक रूप से ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ के तहत विशेषज्ञ जाँच शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु एएनएम को विशेष प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए ताकि जनपद में स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट की संख्या बढ़ाई जा सके और सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा मिल सके।
जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए खुशियों की सवारी और जननी सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं की जानकारी देने और अधिक से अधिक स्वास्थ्य योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए ताकि किसी भी गर्भवती महिला को स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहना पड़े और किसी भी प्रकार की शिकायत का तत्काल निवारण किया जाए।
जिलाधिकारी ने जनपद की सभी गर्भवती महिलाओं और उनके परिवारों से अपील की है कि वे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और नियमित जाँच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर जाएं। प्रशासन का यह स्पष्ट संकल्प है कि जनपद में मातृत्व और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और हर माँ और बच्चे का जीवन सुरक्षित हो।