*उत्तरकाशी : बाबा बौखनाग देव समिति ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया एक लाख एक हजार की सहायता राशि का चेक*

 

जयप्रकाश बहुगुणा

*बड़कोट/उत्तरकाशी*

क्षेत्र के आराध्य देवता व हजारों लोगों की आस्था के प्रतीक बाबा बौखनाग देव समिति ने मुख्यमंत्री राहत कोष में एक लाख एक हजार की सहायता राशि दान की है!उत्तरकाशी जनपद की भटवाड़ी तहसील के धराली में गत वर्ष आई भीषण आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए बाबा बौखनाग देव समिति ने सराहनीय पहल करते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक लाख एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि समिति द्वारा क्षेत्र के 13 गांवों के सहयोग से एकत्र की गई।

समिति के पदाधिकारियों द्वारा जानकारी दी गईं कि बाबा बौखनाग देवता ने गर्भगृह में प्रवेश से पूर्व आपदा पीड़ितों की मदद करने का संदेश दिया था। इसी भावनात्मक आह्वान के बाद बाबा बौखनाग देव समिति ने दान अभियान चलाकर यह धनराशि एकत्र की और उपजिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के नाम चेक भेंट किया।
इस सराहनीय पहल के लिए क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने समिति और सभी दानदाताओं की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी है।लोगों का कहना है कि आपदा की घड़ी में इस तरह का सहयोग पीड़ितों के लिए संबल का कार्य करता है।

सामाजिक चेतना की बुलंद आवाज़ जय हो ग्रुप ने समिति का आभार जताते हुए कहा कि ये पहल क्षेत्र में मानवीय संवेदना और सामाजिक एकजुटता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि बाबा बौखनाग देव समिति द्वारा धराली आपदा प्रभावितों के लिए दिया गया ₹1,01,000 का चेक जिलाधिकारी उत्तरकाशी को भेजा जा रहा है, ताकि राशि को नियमानुसार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में जमा कराया जा सके।

चेक भेंट करने वालों में देवमाली संजय डिमरी, समिति अध्यक्ष जयेंद्र सिंह रावत, सचिव गोपाल बिष्ट, संरक्षक यशवंत रावत, रमेश विष्ट, विनोद विष्ट, विनोद रावत, विजय सिंह, रमेश डोभाल, चंद्रमोहन पंवार, श्याम डोभाल, कैलाश बधानी, किशन सिंह, मनमोहन पंवार, रमेश रमोला, देवेंद्र सिंह, जयवीर राणा, फलक सिंह, गजेंद्र राणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।विदित रहे कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बहु चर्चित सिल्कयारा टनल में फंसे मजदूरों को सकुशल बाहर निकालने में बाबा बौखनाग की कृपा महत्वपूर्ण मानी गईं थी, तथा उस दौरान देश ही नहीं विदेशों में भी बाबा बौखनाग की महिमा w शक्ति को सभी ने नमन किया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *