उत्तराखंड Express ब्यूरो
बड़कोट /उत्तरकाशी
राजकीय इंटर कॉलेज गड़ोली, बनाल में अर्थशास्त्र प्रवक्ता रहे आशाराम का निधन हो गया। वे ग्राम कोटी, बनाल के निवासी थे। उनके निधन से पूरे रवांई क्षेत्र में शोक का वातावरण है। आशाराम केवल एक विषय अध्यापक नहीं, बल्कि सच्चे अर्थों में जीवन शिक्षक थे। उन्होंने अपने लंबे शिक्षण जीवन में विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और सही जीवन दृष्टि प्रदान की। उनके मार्गदर्शन में पढ़े अनेक विद्यार्थी आज देश के विभिन्न हिस्सों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं और आज भी उन्हें अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका गुरु धर्म कभी समाप्त नहीं हुआ। वे अपने शिष्यों से लगातार संवाद में रहते थे, उनके करियर, जीवन और सामाजिक दायित्वों से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन देते रहते थे। यही कारण था कि विद्यार्थी उन्हें केवल पूर्व शिक्षक नहीं, बल्कि आजीवन मार्गदर्शक के रूप में देखते थे।
उनकी लोकप्रियता का मूल कारण उनका सरल स्वभाव, सहज व्यवहार और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय लगाव रहा। वे हर छात्र की क्षमता को पहचान कर उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे और कठिन समय में संबल भी प्रदान करते थे।
उनके निधन पर डी.पी. गैरोला, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि श्री आशाराम का निधन रवांई क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि वे केवल हमारे गुरु ही नहीं, बल्कि जीवन पथ पर सही दिशा दिखाने वाले आदर्श व्यक्तित्व थे। आज हम जहां भी हैं, उसमें उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद की अमिट भूमिका है।
क्षेत्र के शिक्षक, पूर्व छात्र और गणमान्य नागरिक गहरे शोक के साथ उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता से स्मरण कर रहे हैं। उनका स्नेह, उनकी सीख और उनका मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।