जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने मंगलवार को गंगोत्री धाम पहुंचकर अधिकारियों के साथ चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर जायजा लिया। जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग,स्नान घाटों और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण से पूर्व जिलाधिकारी ने गंगोत्री धाम में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित भूस्खलन जोन तथा यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों,पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पेयजल,शौचालय,सफाई,स्वास्थ्य सेवाओं और ठहरने की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने स्नान घाट के सौंदर्यीकरण करने एवं नगर पंचायत के अंतर्गत चल रहे निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने गंगोत्री सीवरेज प्लांट में किचन और बाथरूम का पानी समाहित न होने देने के लिए नगर पंचायत और जल संस्थान को संयुक्त रूप से चेकिंगअभियान चलाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में समुचित प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश उरेडा को दिए। साथ ही आपदा प्रभावित परिवारों के आजीविका संवर्द्धन के लिए यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर क्योस्क स्थापित करने के निर्देश रीप को दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने धराली में आपदा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रभावित परिवारों द्वारा रखी गई मांगों पर उन्होंने हर संभव निस्तारण करने का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने प्रतिकर से जुड़े मामलों के निस्तारण को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी को एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बीआरओ को धराली में सड़क मार्ग पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को धूल की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सड़क मार्ग पर डामरीकरण कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश बीआरओ को दिए।
जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया है। जहां भी व्यवस्थाओं में कमी पाई गई है, वहां संबंधित विभागों को यात्रा शुरू होने से पूर्व आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों,यातायात प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
इस दौरान एसडीएम शालिनी नेगी,सीओ जनक पंवार,ईई मनोज गुसाईं,सचिन सिंघल,परियोजना प्रबन्धक उरेडा मयंक नोटियाल,परियोजना प्रबन्धक रीप कपिल उपाध्याय, खण्ड विकास अधिकारी डॉ.अमित मंहगाई,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।