जयप्रकाश बहुगुणा
*बड़कोट /उत्तरकाशी*
यमुनोत्री धाम के मुख्य पड़ाव नगरपालिका बड़कोट में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ अंगद राणा का स्थानांतरण अन्यत्र किये जाने से स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों व ब्यापार मंडल में भारी आक्रोश ब्याप्त है!मंगलवार को ब्यापार मंडल महामंत्री सोहन प्रसाद गैरोला के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन भेजकर डॉ अंगद राणा का स्थानांतरण को रद्द करने की मांग की है!जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में ब्यापार मंडल ने कहा है कि
वर्तमान व पहले से डॉ राणा कुशल नेतृत्त एवं सेवाभाव के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। स्थानीय नागरिको, व्यापारियो, तीर्थयात्रियों तथा गामीण क्षेतों के लोगों को समय पर एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। विशेषरूप से चारधाम यात्रा के दौरान बडकोट जैसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर अनुभवी डॉ अंगद सिंह राणा जैसे चिकित्सा अधिकारी की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। ऐसी स्थिति में यदि उनका स्थानांतरण किया जाता है, तो स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आमजन तथा यात्रियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड सकता है, ब्यापार मंडल ने जनहित में डॉ अंगद राणा का स्थानांतरण रद्द करने की मांग की है!युवा सामाजिक कार्यकर्ता महावीर सिंह पंवार ने उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री से डॉ राणा का ट्रांसफर रोके जाने की मांग करते हुए कहा है कि बड़कोट यमुनोत्री धाम का प्रवेश द्वार है और वह पूरी यमुनाघाटी का केंद्र भी है अगर बड़कोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर अंगद राणा का स्थानांतरण किया जाता है तो इसका पूरा खामियाजा आम जनता, पीड़ित परिवार के लोगों को भुगतना पड़ेगा क्योंकि बड़कोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर अंगद राणा के द्वारा बहुत सुंदर और शानदार सेवा मरीजों को दी जा रही है जिनके द्वारा हर तरह के मरीजों को हॉस्पिटल में अटेंड किया जाता है जिसके कारण सरकार के ऊपर भी उंगलियां नहीं उठती हैं अगर सरकार पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों से ऐसे दयालु,कर्तव्यनिष्ठ डॉक्टरों का स्थानांतरण करेगी तो स्वास्थ्य सेवाएं और बदतर होगी!जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन पर मनीषा, अरविन्द, विजय कुमार, त्रेपन सिंह, नीरज, प्रधान ग्राम सभा इडक, ग्राम सभा निशनी सहित दर्जनों लोग शामिल हैं!उधर पुरोला से डॉ मनोज असवाल का ट्रांसफर होने पर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है, ट्रांसफर न रोके जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है!