*उत्तरकाशी : जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने किया जनगणना-2027 के द्वितीय चरण हेतु दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*उत्तरकाशी*

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को पूर्ण पारदर्शिता एवं सुगमता से संपन्न कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट कार्यालय के एनआईसी कक्ष में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला की शुरुआत करते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी चार्ज अधिकारियों, प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों को मुस्तैदी से दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह महाअभियान देश के भावी नीति-निर्धारण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार है।

इस अवसर पर नागरिकों की सुविधा के लिए जारी 16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक की स्व-गणना (सेल्फ-एन्युमरेशन)अवधि तथा 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक चलने वाले वास्तविक सर्वेक्षण चक्र की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई। पर्वतीय व सीमांत जनपद होने से विषम भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल तकनीक एवं आधुनिक मोबाइल एप्लिकेशनों का सहारा लिया जा रहा है। द्वितीय चरण के प्रशिक्षण सत्र में नोडल अधिकारियों को रियल-टाइम डेटा एंट्री, जीपीएस लोकेशन मैपिंग और सर्वर लिंक करने की जानकारी उपलब्ध कराई गई। इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी परिवार या सुदूरवर्ती तोक सर्वे सूची से वांछित न रहे, ताकि प्रत्येक नागरिक की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति दर्ज हो सके।सत्र में पूर्ववर्ती अभियानों के अनुभवों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में जन-जागरूकता हेतु विशेष दिशा-निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही व सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं।

इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखण्ड से संजीव कुमार, सहायक निदेशक एवं जिला समन्वयक उत्तरकाशी ध्रुवेन्द्र कुमार वर्मा, तथा जिला समन्वयक टिहरी पंकज सिंह, उपस्थित रहे।

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