उत्तराखंड Express ब्यूरो
ऋषिकेश,
श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, पं. एल.एम.एस. परिसर, ऋषिकेश स्थित Centre of Excellence in Entrepreneurship & Incubation द्वारा देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के अंतर्गत NCC कैडेट्स के लिए एक विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के प्रति जागरूक करना तथा उत्तराखण्ड सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की इस पहल के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न अवसरों एवं सहयोग से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में 94 NCC कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों को उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न पहलुओं—विचार सृजन, नवाचार, अवसरों की पहचान, व्यवसाय विकास, मेंटरशिप, कौशल विकास, इनक्यूबेशन एवं वित्तीय सहायता—के बारे में जानकारी दी गई।
इस अवसर पर पं. एल.एम.एस. परिसर, ऋषिकेश के परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें, जिसमें विद्यार्थी केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजक एवं नवप्रवर्तक बनने के लिए भी प्रेरित हों। उन्होंने NCC कैडेट्स से देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने नेतृत्व कौशल को उद्यमिता की दिशा में विकसित करने का आह्वान किया।
Centre of Excellence in Entrepreneurship & Incubation की निदेशक एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर ने कहा कि केन्द्र परिसर में एक सशक्त उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं नवाचार की अपार क्षमता है और DUY का उद्देश्य उन्हें उचित मंच, मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, मेंटरशिप एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करना है, ताकि उनके विचारों को व्यवहार्य उद्यमों में परिवर्तित किया जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि NCC कैडेट्स की भागीदारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि NCC के माध्यम से विकसित होने वाले अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, जिम्मेदारी, आत्मविश्वास एवं प्रतिबद्धता जैसे गुण एक सफल उद्यमी के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. राजत शर्मा, उद्यमिता विशेषज्ञ, Entrepreneurship Development Institute of India (EDII), अहमदाबाद रहे। विद्यार्थियों के साथ अपने प्रेरक एवं संवादात्मक सत्र में डॉ. शर्मा ने बदलते करियर परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार के विकल्पों से आगे बढ़कर उद्यमिता को एक व्यवहार्य एवं सशक्त करियर विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. शर्मा ने कहा कि सफल उद्यमिता की शुरुआत किसी समस्या की पहचान करने, समाज की आवश्यकताओं को समझने तथा उसके लिए व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान विकसित करने से होती है। उन्होंने NCC कैडेट्स को अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प जैसे अपने गुणों को उद्यमिता कौशल के विकास में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने नवाचार, बाजार की समझ, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण तथा निरंतर प्रयास को किसी भी उद्यम की सफलता के महत्वपूर्ण आधार बताया। विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न चरणों से परिचित कराते हुए उन्होंने कहा कि नए विचारों के साथ प्रयोग करने, असफलताओं से सीखने और अपने विचारों में निरंतर सुधार करने से ही एक विचार को सफल एवं टिकाऊ उद्यम में बदला जा सकता है।
DUY के फैकल्टी मेंटर प्रो. डी. के. तिवारी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को व्यापक उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि देवभूमि उद्यमिता योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मेंटर, प्रशिक्षण कार्यक्रम, रेजिडेंशियल बूटकैम्प, Entrepreneurship Development Programme (EDP) तथा संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आगामी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा अपने नवाचारी विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन DUY की फैकल्टी मेंटर डॉ. शालिनी रावत ने किया। उन्होंने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला तथा विशेषज्ञ एवं विद्यार्थियों के बीच संवाद को प्रभावी ढंग से समन्वित किया। उनके प्रभावी एवं संवादात्मक संचालन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान NCC कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी एवं उत्साह बनाए रखा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को DUY के अंतर्गत उपलब्ध प्रमुख अवसरों की जानकारी भी दी गई। इनमें रेजिडेंशियल बूटकैम्प के लिए चयन, रेजिडेंशियल Entrepreneurship Development Programme (EDP), विशेषज्ञ मेंटरशिप तथा उत्कृष्ट व्यावसायिक विचार रखने वाले चयनित विद्यार्थी उद्यमियों के लिए ₹1,00,000 तक की सीड फंड सहायता प्रमुख हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों के साथ एक इंटरैक्टिव एवं प्रेरणादायक संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें NCC कैडेट्स ने उद्यमिता विशेषज्ञ एवं फैकल्टी मेंटर्स से अपने प्रश्न पूछे और अपने विचारों के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा DUY के आगामी बूटकैम्प एवं Entrepreneurship Development Programme में भाग लेने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
यह ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच नवाचार, उद्यमिता एवं आत्मनिर्भरता की संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम ने NCC कैडेट्स को यह संदेश दिया कि उनके भीतर विकसित नेतृत्व, अनुशासन एवं टीमवर्क की क्षमताओं को नवाचारी विचारों के साथ जोड़कर वे न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं, बल्कि समाज एवं प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम ने “Ideas Today, Enterprises Tomorrow” की भावना को आगे बढ़ाते हुए एक अधिक आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं उद्यमशील उत्तराखण्ड के निर्माण की दिशा में सार्थक कदम रखा।