जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट/उत्तरकाश
उत्तराखंड में मानसून शुरू होते ही पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आने लगी हैं। सोमवार दोपहर को जानकीचट्टी – यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर भैरव घाटी नौ कैंची के पास पहाड़ से अचानक भूस्खलन हो गया। इस दौरान कई यात्री मलबे में दब गये। रेसक्यू के दौरान एक घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि एक बच्ची व एक ब्यक्ति का शव मलवे से बरामद किये गये हैँ!
जानकीचट्टी चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ मौके पर पहुंचे । सुरक्षा के लिहाज से यात्रा मार्ग पर आवाजाही रोक दी गई, तथा रेसक्यू कार्य शुरू किया!जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को अपराह्न समय 4:12 बजे यमुनोत्री पैदल मार्ग पर स्थान 9 कैची भैरव मंदिर के पास भूस्खलन होने के कारण 3 से 4 यात्रियों की दबने की संभावना की सूचना मिली।सूचना मिलते ही उक्त स्थान पर एसडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग, मेडिकल टीम एवं पशु चिकित्सा टीम घटना स्थल पर रवाना हुई। इसके अतिरिक्त एनडी आर एफ टीम, राजस्व टीम घटना स्थल के लिए भेजी गईं। रेसक्यू टीमों के द्वारा
एक घायल व्यक्ति का रेस्कयू कर जानकीचट्टी अस्पताल में पहुँचाया गया हैं। जिसका उपचार किया जा रहा हैं। जानकीचट्टी में 108 एम्बुलेन्स तैनात हैं। जबकि दो शव बरामद किये गये हैँ, जिनकी अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है!जिलाधिकारी द्वारा कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है तथा सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल प्रभावित क्षेत्र पर पहुंचाकर राहत बचाव कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री के नौकैंची में हुए भूस्खलन में मृतकों और घायलों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं तथा उनके परिजनों को आपदा राहत कोष से नियमानुसार राहत राशि दिए जाने के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दे दिए है।जिलाधिकारी द्वारा आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है।