
जयप्रकाश बहुगुणा
उत्तरकाशी,
सुमन दिवस के पावन अवसर पर ऋषिराम शिक्षण संस्थान, जोशियाड़ा-मनेरा, उत्तरकाशी के मनेरा परिसर में एक प्रेरणादायक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों ने विविध वैज्ञानिक मॉडलों के माध्यम से न केवल अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय समस्याओं पर भी प्रभावशाली समाधान प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का उद्घाटन सेवानिवृत्त प्रवक्ता ओ.पी. भट्ट, विद्यालय प्रबंधक डॉ. अरविंद जगूड़ी एवं प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।मुख्य अतिथि भट्ट ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच, अनुसंधानशीलता एवं नवाचार क्षमता की सराहना करते हुए कहा, कि युवाओं की नवाचारी ऊर्जा ही भारत को विज्ञान और तकनीक के वैश्विक मंच पर नेतृत्व दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।”

विद्यालय प्रबंधक डॉ. अरविंद जगूड़ी ने प्रदर्शनी को छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों में प्रयोगात्मक ज्ञान, विश्लेषण क्षमता, टीम भावना और समस्या-समाधान कौशल का सतत विकास होता है।
मुख्य निर्णायक के रूप में पंकज एवं प्रबंधन प्रतिनिधि आकर्ष जगूड़ी उपस्थित रहे। दोनों ने प्रस्तुत मॉडलों का वैज्ञानिक आधार, मौलिकता, रचनात्मकता एवं प्रस्तुति के मानकों पर गहन मूल्यांकन किया और श्रेष्ठ मॉडलों का चयन किया।प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि“विज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित न रहकर जब समाज में व्यवहारिक बदलाव लाता है, तब उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का प्रतीक है कि वे भविष्य के सक्षम वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और सामाजिक बदलाव के वाहक हैं।”
उप-प्रधानाचार्य बद्रीश बिष्ट सहित सभी शिक्षकगणों की उत्साही भागीदारी ने इस आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित मॉडलों ने न केवल तकनीकी दक्षता दिखाई, बल्कि समय की माँग के अनुसार समाधानात्मक दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया।दर्शकों में शामिल अभिभावकों, शिक्षकों एवं अतिथियों ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए इसे अत्यंत सार्थक एवं प्रेरणादायक प्रयास बताया।कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विद्यालय की ओर से सम्मान पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान किए जाएंगे, ताकि उनकी मेहनत और नवाचार को उचित मंच मिल सके।यह विज्ञान प्रदर्शनी न केवल छात्रों के वैज्ञानिक कौशल और तार्किक क्षमता का उत्सव बनी, बल्कि उनके भीतर जिज्ञासा, अनुसंधान और समाजोन्मुख सोच को प्रोत्साहन देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में यादगार बन गई।