

उत्तरकाशी
डुंडा ब्लॉक के अंतर्गत धारकोट-मुसड़गांव मोटर मार्ग के किमी. 03 प्रथम बैँड से भटवाडी़ के लिए प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर स्थलीय निरीक्षण को पहुंची राजस्व व लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम का मुसड़गांव व कुलेथ के ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से उनकी सिंचित कृषि भूमि को भारी नुकसान होगा साथ ही गांव के कई काश्तकार भूमि हीन हो जायेंगे।
बता दें कि डुंडा ब्लॉक के भटवाड़ी गांव के ग्रामीण धारकोट- मुसड़गांव मोटर मार्ग के किमी. 03 प्रथम बैंड से भटवाड़ी के लिए सड़क निर्माण की मांग कर रहे है। जबकि वर्ष 2016- 17 में हुए सर्वे के अनुसार मुसड़गांव – कुलेथ से होते हुए भटवाड़ी के लिए सड़क प्रस्तवित है। जिस पर कुलेथ तक मोटर मार्ग का सड़क कटिंग का कार्य भी पूरा हो चुका है। लेकिन भटवाड़ी के ग्रामीण किमी. 03 प्रथम बैँड से भटवाड़ी पैदल पुल तक सड़क निर्माण की मांग पर अड़े हैं। जबकि इसका मुसड़गांव व कुलेथ के ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार डुंडा चंद्रमोहन नगवाण के नेतृत्व में राजस्व टीम व पंकज कुमार सहायक अभियंता लोनिवि की टीम भटवाड़ी के ग्रामीणों की मांग पर प्रस्तवित सड़क के स्थलीय निरीक्षण को पहुंची। जहां पर मुसड़गांव व कुलेथ के ग्रामीणों ने संयुक्त टीम के स्थलीय निरीक्षण का विरोध किया। मुसड़गांव के ग्रामीणों का कहना है कि भटवाड़ी के लिए पूर्व सर्वे के अनुसार थाती बैँड से धारकोट-मुसड़गांव -कुलेथ होते हुए सड़क प्रस्तावित है। जिस पर कुलेथ तक सड़क कटिंग का कार्य भी पूर्ण हो गया है और करीब आधा किमी. ही सड़क का निर्माण होना शेष है। उन्होंने कहा कि यदि प्रथम बैंड से सड़क का निर्माण होता है तो उनकी सिंचाई नहर, सिंचित कृषि भूमि को बड़ा नुकसान होगा। इसके साथ ही कई परिवार भूमि हीन हो जायेंगे और दो गांव अलग-थलग पड़ जायेंगे।
उन्होंने इस मौके पर तहसीलदार डुँडा के माध्यम से डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया और पूर्व सर्वे के अनुसार ही अधर में लटकी सड़क का निर्माण किए जाने की मांग की। वहीं चेतावनी दी कि यदि विभाग द्वारा जबरन बिना काश्तकारों की सहमति से सड़क निर्माण किया गया तो वह कार्यालय में तालाबंदी करने को विवश होंगे।
इस मौके पर प्रेम सागर नौटियाल, गंगा सागर, पुरूषोतम, शिव प्रसाद, द्रवेश, राम संजीवन,जगदीश प्रसाद सुरेन्द्र नौटियाल, सूर्य प्रकाश, इंदु प्रकाश्, उमा शंकर,महेन्द्र राणा, सर्वोतम, विरेन्द्र प्रसाद, वीरेंद्र नौटियाल, तोताराम,पूर्णानंद, हर्षमणि,गोपाल राम, सरोजनी, शशि देवी,नरेश आदि ग्रामीण मौजूद रहे।