जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
ऋषि राम शिक्षण संस्थान, मनेरा के प्रांगण में मंगलवार को पंडित गणपति प्रसाद जगूड़ी की उपस्थिति में उनके प्रेरणादायी जीवन–पथ पर आधारित संजय कुमार जगूड़ी द्वारा रचित पुस्तक “कर्मयोगी श्री गणपति जीवन दर्शन” का लोकार्पण पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया गया।
समारोह में लगभग एक हजार छात्र-छात्राओं तथा पचास शिक्षक-शिक्षिकाओं की उपस्थित ने आयोजन को भव्य रूप प्रदान किया। इस अवसर पर विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य बद्रीश बिष्ट ने पंडित गणपति प्रसाद जगूड़ी के जीवन के संघर्षपूर्ण दौर, कठोर साधना तथा उनके द्वारा अर्जित उज्ज्वल एवं आदर्शपूर्ण उपलब्धियों पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए छात्रों को बताया कि कठिन परिस्थितियाँ मानव को प्रखर और सशक्त बनाती हैं।विद्यालय के अध्यक्ष पंडित जगूड़ी ने भाव-विह्वल होकर अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में परिश्रम, अनुशासन एवं शिक्षा ही वह तीन आधार हैं, जो किसी भी व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुँचाते हैं। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि यदि हम निस्वार्थ भाव से शिक्षा को अपनाएँ और निरंतर परिश्रम करते रहें तो सफलता अवश्य ही हमारे चरण चूमेगी।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. के. मिश्र ने पंडित गणपति प्रसाद जगूड़ी के व्यक्तित्व की प्रखरता, उनके उच्च नैतिक मूल्यों एवं समाज के प्रति उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे।समारोह के अंत में उपस्थित सभी जनों ने इस महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति के प्रकाशन को समाज तथा शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी कदम बताया।