जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट /उत्तरकाशी
अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट में प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशन में प्रभाग अंर्तगत वन चेतना केंद्र बड़कोट में वनाग्नि सुरक्षा व प्रबंधन के संबंध में वन पंचायतों का एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें मुगंरसंति रेंज व नौगांव रेंज के विभिन्न वन पंचायत सरपंच व सचिव द्वारा प्रतिभाग किया गया ।
उक्त कार्यशाला में प्रभागीय वनाधिकारी रवीन्द्र पुंडीर द्वारा वन पंचायत सरपंचों के विभिन्न समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देते हुए उन्हें आगामी वनाग्नि काल में सक्रिय भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया गया तथा अपने-अपने वन पंचायत क्षेत्रों को ठोस कूड़ा मुक्त करने के संबंध में उनके उत्तरदायित्वों के बारे में अवगत कराया।
मौके पर उपप्रभागीय वनाधिकारी साधुलाल पलियाल ने पंचायत सरपंचों को वन पंचायत नियमावली की नवीन जानकारी व वन पंचायत भूमि के सीमांकन के महत्व के बारे में बताते हुए उन्हें वनाग्नि नियंत्रण में सहयोग तथा ग्राम वनों के संवर्धन हेतु प्रेरित किया, साथ ही साथ उप प्रभागीय वनाधिकारी ने वन पंचायत सरपंचो को राजस्थान राज्य के राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वन पंचायत पिपलात्रि के तर्ज पर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। वनाग्नि नियंत्रण हेतु शीतलाखेत मॉडल और बड़कोट स्थित वन पंचायत डख्याट गाँव मॉडल को अनुसरण करने हेतु प्रोत्साहित किया!उपरोक्त गोष्ठी में उपस्थित वन क्षेत्राधिकारी मुगंरसंति शेखर सिंह राणा व वन क्षेत्राधिकारी नौगांव गोविंद सिंह भंडारी ने भी वन पंचायतों को विभाग का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए उन्हें वन अग्नि काल में जनसहयोग करने हेतु अपील की।