
जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट/उत्तरकाशी
वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह के उपलक्ष में अपरयमुना वन प्रभाग बड़कोट के प्रभागीय वनाधिकारी रविंद्र पुंडीर की अध्यक्षता एवं दिशा निर्देशन में वन्य जीव सुरक्षा एवं मानव वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण पर एक गोष्ठी तथा कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें रवांई रेंज, मुगरसंती रेंज तथा कुथनौर रेंज के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया ।इस अवसर पर एनडीआरएफ के निरीक्षक त्रेपन रावत तथा उनकी टीम के द्वारा आपदा प्रबंधन संबंधी कम्युनिटी अवेयरनेस प्रोग्राम का आयोजन किया गया जिसमें उनके द्वारा विभिन्न परिस्थितियों में जैसे हृदय आघात, चोट लगने पर निरंतर रक्त स्राव होने की स्थिति, गले में खाना फसने या कुछ चीज फंस जाने की स्थिति, भूकंप, बाढ़ आदि स्थितियों में प्रयुक्त होने वाले उपकरणों एवं तकनीक का प्रदर्शन किया गया, जोकि आपदा की दृष्टि से उच्च हिमालय क्षेत्र में संवेदनशील स्थानों हेतु आवश्यक एवं अत्यंत लाभदायक है। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे, जिसमें सरदार चंद वन दरोगा के द्वारा वनाग्नि प्रबंधन , प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी शिवानी रावत के द्वारा वन्य जीव सप्ताह एवं वन कर्मियों की भूमिका, वन क्षेत्राधिकारी कुथनौर आशीष नौटियाल के द्वारा मानव वन्य जीव संघर्ष न्यूनीकरण पर तकनीकी दक्षता संबंधित तथा अंत में प्रभागीय वनाधिकारी रविंद्र पुंडीर के द्वारा विभिन्न प्रशिक्षणों की सभी के लिए उपयोगिता एवं विभिन्न परिस्थितियों में वन कर्मियों की भूमिका विषय पर विचार व्यक्त किए गए। इस कार्यक्रम में अपर यमुना वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी रवींद्र पुंडीर ,वन क्षेत्राधिकारी आशीष नौटियाल, प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी शिवानी रावत तथा एनडीआरएफ के निरीक्षक त्रेपन रावत तथा उनकी टीम, एसडीआरएफ की टीम तथा रवांई रेंज, मुगरसंती रेंज तथा कुथनौर रेंज के सभी कार्मिक उपस्थित रहे।