*जयप्रकाश बहुगुणा /उत्तरकाशी*
शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वाधान में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी. एस. रावत द्वारा की गई।
कार्यशाला में शहरी क्षेत्र की समस्त आशा कार्यकत्रियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० रावत ने कहा कि बालिकाएँ हमारे समाज की धरोहर हैं, उनके सशक्तिकरण एवं समान अधिकार सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के साथ-साथ पीसीपीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन कर लिंग चयन की कुप्रथा को रोकना आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान उपस्थित आशा कार्यकत्रियों को पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे समुदाय स्तर पर भ्रूण लिंग परीक्षण के प्रति लोगों को जागरूक कर सकें और बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो।
उन्होंने आशा कार्यकत्रियों से आह्वान किया कि वे समुदाय स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने, बालिकाओं के टीकाकरण, पोषण और शिक्षा से संबंधित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुँचाएं।
कार्यशाला में जिला कार्यक्रम प्रबंधक हरदेव राणा, कम्युनिटी मोबाइलाइजर सीमा पलवल, ज्ञानेंद्र पंवार, महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।