जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
गंगा विश्व धरोहर मंच के तत्वावधान में गंगा संवाद व जल साक्षरता गोपाल विद्या मंदिर में आयोजित हुआ।
गंगा जो पूज्य व पवित्र नदी है लेकिन यह तभी तक संभव है जब तक गंगा नदी के समूचे पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखा जा सके व गंगा नदी के उद्गम स्थल सहित सहायक जलधाराओं व जैव विविधता का भी संरक्षण हों। गंगा संवाद व जल साक्षरता कार्यक्रम में गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने जहां राष्ट्रीय नदी गंगा के महत्व पर चर्चा की वहीं छात्रों को जल गुणवत्ता परीक्षण विषयक जल के भौतिक, रासायनिक व जैविक प्रचालकों की व्यावहारिक जानकारी दी। छात्र-छात्राओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण में पीएच, टीडीएस, क्षारीयता, घुलित आक्सीजन, बायोकैमिकल आक्सीजन डिमांड, टरबिडिटी, नाइट्रेट, क्लोरीन परीक्षण आदि की जानकारी व इनकी निश्चित परास पर व्यापक समझ बढ़ाई। विद्यालय के प्रधानाचार्य विकास सेमवाल ने कहा कि गंगाजल में वातावरण से ऑक्सीजन सोखने की अद्भुत क्षमता है व अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा में गंदगी को नष्ट करने की क्षमता भी ज्यादा है। लेकिन वर्तमान में क्षमता से अधिक जलीय प्रदूषण को कम करने के लिए आमजन व सभी तटवासियों को ईमानदारी से कार्य करने की जिम्मेदारी लेकर गंगा को स्वच्छ व निर्मल बनाने में सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर गंगा क्विज प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान क्रमशः आदर्श रावत, कुमारी दिव्या राणा तथा कुमारी अनिका ने प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का संचालन नागेन्द्र सिंह रावत ने किया।