उत्तरकाशी : मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण को वन विभाग कर रहा है गावों में जागरूकता कार्यक्रम, आवश्यक उपकरणों के साथ वनकर्मी कर रहे हैं रात्रि गस्त

जयप्रकाश बहुगुणा

बड़कोट/उत्तरकाशी

 

मानव वन्य जीव संघर्ष की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में संघर्ष न्यूनीकरण करने की दिशा में अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी रविंद्र पुंडीर के निर्देशन में रवांई रेंज के डख्याट गांव, यमुनोत्री रेंज के खरसाली तथा बीफ गांवों तथा उसके आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न सुरक्षा उपकरणों के साथ रात्रि गश्त की जा रही है। साथ ही दिन के समय क्षेत्र वासियों के साथ बैठक कर आवश्यक सावधानियां बरतने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में ग्रामीणों के घरों के आसपास अथवा मुख्य मार्ग की ओर फॉक्स लाइट तथा ऐनाइडर लगाए गए हैं, स्मार्ट स्टिक आदि का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भालू मानव बस्तियों की ओर न आए। संवेदनशील क्षेत्रों में विभिन्न जनप्रतिनिधियों को तथा युवक मंगल दल और महिला मंगल दल आदि के सहयोग से वन विभाग द्वारा संवेदनशील मार्गों एवं गांव के आसपास की झाड़ी आदि बुश कटर से काटकर साफ की जा रही है ताकि भालू को छुपने के लिए स्थान ना मिले। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन के द्वारा भी भालू की उपस्थिति की निगरानी की जा रही है।
ग्रामीणों द्वारा वन विभाग बड़कोट की इस पहल को सराहा गया है तथा यमुनोत्री रेंज के अन्तर्गत ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के निरंतर प्रयासरत रहने से एवं विभिन्न उपकरणों के प्रयोग एवं रात्रि गस्त निरंतर रूप से करने के फल स्वरुप गत दो माह की तुलना में वर्तमान में भालू की मानव बस्तियों में आवाजाही में कमी आई है।

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