उत्तराखंड एक्सप्रेस ब्यूरो
बड़कोट (उत्तरकाशी)
रंवाई क्षेत्र के ग्राम सभा नंदगांव में नशा मुक्ति को लेकर ग्राम सभा की आम बैठक में एक बहुत बड़ा निर्णय लेते हुए सकारात्मक पहल की शुरुआत की है। ग्राम सभा की आम बैठक में निर्णय लिया है कि शादी समारोह या कभी भी गांव की सीमा अंतर्गत शराब पिलाई या बेची तो ग्राम सभा द्वारा 51 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही किसी भी चुनाव के दौरान यदि किसी भी प्रत्याशी या कार्यकर्ता द्वारा गांव में शराब पिलाई तो उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना वसूलने के भी निर्णय लिया गया है। मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में ग्राम सभा के क्षेत्र अंतर्गत होने वाले आधुनिक विवाह समारोह में होने वाले अनावश्यक व्यय और बाहर से थोपी गई परंपराओं का विरोध किया गया। अपनी संस्कृति और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह संस्कार करने पर विचार किया गया। गांव में निवास करने वाले प्रत्येक वर्ग द्वारा सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया कि ग्राम सभा के क्षेत्र अंतर्गत होने वाले विवाह समारोह में मेहंदी व अन्य आयोजनों में मद्यपान व मांस नहीं परोसा जाएगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि विवाह संस्कार को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार धार्मिक परंपराओं के अंतर्गत संपादित किया जाएगा।
नौगांव ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नंदगांव में रविवार को मंदिर प्रांगण में ग्राम प्रधान उर्मिता बिष्ट की अध्यक्षता में एक आम बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई जिसके बाद सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किए गए। सर्वप्रथम सर्व समति से प्रस्ताव पारित हुआ है कि ग्राम सभा नन्दगाँव सीमान्तर्गत होने वाले शादी समारोह में, मेंहदी रस्म के दिन या इसके आगे-पीछे के दिनों में शराब व मांस पूर्णतः बन्द किया गया है। जिसके बाद यह भी प्रस्ताव पारित हुआ है कि आगामी सभी प्रकार के चुनाओं के दौरान पार्टि प्रत्याशियों या कार्यकर्ताओं द्वारा गाँव में किसी को भी शराब नही बांटी जायेगी तथा उल्लघंन करने पर ग्राम सभा द्वारा प्रत्याशी से दण्ड वसूला जायेगा।
उक्त पारित प्रस्ताव के उल्लंघन पर मेंहदी रस्म में शराब पिलाने पर 51 हजार रुपये, शराब बिक्री पर 51 हजार रुपये तथा चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी या कार्यकर्ताओं द्वारा शराब पिलाने पर एक लाख रुपये का अर्थ दंड वसूला जाएगा। उक्त जुर्माने की वसूली जाने वाली धनराशि ग्राम सभा मे जमा होगी।
इस मौके पर बैठक में ग्राम प्रधान उर्मिला बिष्ट, सुमेर सिंह, गोपाल सिंह, रामराज सिंह, राजेन्द्र सिंह राणा, जयदेव सिंह, बादर सिंह, योगेंद्र सिंह, प्रबल सिंह, विनोद सिंह, सैना लाल, गैनु लाल, दिनेन्द्र सिंह, सुख्या लाल, अनुजा, धीरेंद्र सिह, विनीता, विजय लक्ष्मी, दीपराज, चंद्र देई, समा देवी, कविता, ऋतु, गौलेन्दी देवी, सरिता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।