उत्तराखंड Express ब्यूरो
देहरादून
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा है कि आत्महत्या मामले में राज्य सरकार का किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस प्रताड़ना और सरकार के अंहकार की वजह से घटना घटी है।
सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि काशीपुर में एक युवा किसान ने आत्महत्या किया जाना प्रदेश सरकार की संवेदनहीन व किसान-विरोधी व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार किसान आत्महत्या प्रकरण की न्यायिक जांच कराएं। कहा कि कितना लाचार, मजबूर और बेबस रहा होगा वह जवान किसान, जिसके सामने पुलिस ने न्याय के सारे दरवाजे बंद कर दिए। कितना उत्पीड़न, कितनी प्रताड़ना व मानसिक आतंक झेलना पड़ा होगा कि उसे अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पड़ी। आर्य ने कहा कि सरकार द्वारा केवल चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित करना जघन्य अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है। यह कार्रवाई नाकाफी है। दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाए।उन्होंने कहा कि मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस इस किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और दोषियों को बेनकाब कर के रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान की आत्महत्या की घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया, घर का चिराग बुझ गया, मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया, सुहागन की मांग उजड़ गई।