
जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
जनपद में बुधवार को वनाग्नि को लेकर मॉक अभ्यास किया गया। आपदा कंट्रोल रूम को प्रातः 11.30 बजे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में वनाग्नि की सूचना प्राप्त हुई। वनाग्नि की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने आईआरएस सिस्टम को सक्रिय करने के निर्देश दिए। बग्याल गांव, गंगोत्री नेशनल पार्क गंगोत्री क्षेत्र,गोविंद वन्य जीव विहार के अन्तर्गत नुराणु ,टोंस वन प्रभाग के अंर्तगत पुरोला ,अपर यमुना वन प्रभाग के अंर्तगत दोबाटा तथा हिना अंतर्गत जामक गांव में वनाग्नि को लेकर मॉक अभ्यास किया गया। जिसमें वन विभाग की टीम,फायर सर्विस,पुलिस,एसडीआरएफ, आपदा क्यूआरटी टीम और लोक निर्माण,स्वास्थ्य विभाग,पशुपालन आदि विभागों ने भाग लिया। मॉक अभ्यास में वनाग्नि के कारण काल्पनिक रूप से 8 व्यक्ति सामान्य घायल एवं दो पशु घायल हुए जिनका आवश्यक उपचार किया गया। तथा 8 लोगों को सकुशल निकाला गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि वनाग्नि सीजन को देखते हुए जनपद में वनाग्नि को लेकर आज मॉक अभ्यास किया गया। जिसमें वन विभाग के साथ ही अन्य विभागों की तैयारियों को परखा गया। जिलाधिकारी ने वन विभाग,एसडीआरएफ और फायर सर्विस के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही वनाग्नि सीजन को देखते हुए संवेदनशील स्थलों का चिन्हीकरण करने के निर्देश वन विभाग को दिए। जिलाधिकारी ने वन एवं अग्निशमन विभाग को सभी फायर उपकरणों को क्रियाशील रखने के भी निर्देश दिए।
आपदा कंट्रोल रूम में प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी,एसडीएम देवानंद शर्मा,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट में 11:25 am को उच्च स्तर से वनाग्नि संदेश प्राप्त हुए जिसमें मास्टर कंट्रोल रूम द्वारा अवगत करवाया गया कि रवाई राजि अंतर्गत बड़कोट कक्ष 10 अ मेँ वनाग्नि की सूचना हैं! क्रू स्टेशन बड़कोट को अवगत किया गया, शीघ्र ही वन विभाग की टीम 10 मिनट मेँ मौके पर पहुँचकर वनाग्नि नियंत्रण का कार्य प्रारम्भ किया, सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी रवाई राजि मौके पर पहुंचकर मौके की स्थिति के बारे मेँ मास्टर कंट्रोल रूम के माध्यम से आवश्यक सहयोग हेतु आग्रह किया गया नोडल अधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी बड़कोट द्वारा संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करते हुए वनाग्नि नियंत्रण हेतु रवाना किया गया, वनाग्नि नियंत्रण करते वक़्त एक फायर वाचर चोटिल हो गए जिन्हे शीघ्र ही चिकित्सा विभाग की टीम द्वारा बड़कोट अस्पताल ले जाया गया प्राथमिकता उपचार के बाद उनका स्वास्थ्य सामान्य है
विभागों के सहयोग व ग्रामीणों की सहभागिता से 12:20 पर वनाग्नि पर नियंत्रण किया गया! वनाग्नि का 55 मिनट मेँ नियंत्रण किया गया,अंत मेँ प्रभागीय वनाधिकारी बड़कोट द्वारा सभी विभागों को ब्रीफिंग किया गया और मॉक ड्रिल का समापन किया गया! इस मौके पर डी एफ ओ बड़कोट, उप जिलाधिकारी बड़कोट, वन क्षेत्राधिकारी कुथनोर,रवाई ,प्रभारी निरीक्षक बड़कोट,व स्थानीय ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया!