*उत्तरकाशी : लोसर पर्व बौद्ध परंपराओं के निर्वहन का पावन समारोह है : विजयपाल सजवाण*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*उत्तरकाशी*

गंगोत्री से पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने शुक्रवार को वीरपुर (डुंडा) में जनजाति समुदाय द्वारा आयोजित नववर्ष पर्व लोसर के भव्य कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने भोटिया, जाट, तिब्बती एवं किन्नौरी समाज के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के मध्य पर्व की शुभकामनाएँ साझा कीं और उत्सव की गरिमा में सहभागी बने।

लोसर पर्व बौद्ध परंपराओं के निर्वहन का पावन अवसर है, जो आस्था, संस्कृति और सामूहिक उल्लास का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य, आध्यात्मिक अनुष्ठान और आपसी सौहार्द की भावना से परिपूर्ण यह उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतिबिंब है।

इस अवसर पर पूर्व विधायक ने कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता, शांति, सकारात्मकता और समृद्धि का संदेश देते हैं तथा विविधताओं में एकता की हमारी परंपरा को सशक्त करते हैं। उन्होंने जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, समाज के प्रतिनिधि एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने समस्त क्षेत्रवासियों एवं बौद्ध समाज के सभी भाई-बहनों को लोसर पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

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