जयप्रकाश बहुगुणा
*बड़कोट /उत्तरकाशी*
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बड़कोट, उत्तरकाशी में दिनांक 13 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक दो चरणों में आयोजित कुल 6 बैच में उत्तरा मॉड्यूल का प्रशिक्षण दिया गया, यह प्रशिक्षण जनपद उत्तरकाशी के को-लोकेटेड आंगनबाडी केद्रों में कार्यरत आंगनबाडी कार्यक्रत्रियों हेतु आयोजित किया गया था।
यह प्रशिक्षण मॉड्यूल एस. सी. ई. आर. टी. उत्तराखंड द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, के मार्गदर्शक सिद्धांतों एवं एन. सी. ई. आर. टी. नई दिल्ली द्वारा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं हेतु निर्देशित पाठ्यचर्या के अनुरूप निर्मित किया गया है, जिसका मूल उद्देश्य जनपद की पूर्व प्राथमिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण करना है!
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए संस्थान के प्राचार्य संजीव जोशी ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 में विद्यालयी शिक्षा के शैक्षणिक ढांचे में 10+2 को परिवर्तित कर 5+3+3+4 कर दिया गया है और यह शुरूआती 5 वर्ष शिक्षा की फाउंडेशनल स्टेज है जिसमें आंगनबाडी की महत्पूर्ण भूमिका है, क्यूंकि 6 वर्ष तक की आयु तक मानव मस्तिष्क का 85% विकास हो चुका होता है, अतः इस अवस्था के दौरान बच्चे को अधिकाधिक वैक्तिक अनुभव उपलब्ध करवाने चाहिये, प्राचार्य जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस वर्ष ज़िला परियोजना के माध्यम से समस्त को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों में जादुई पिटारा भी उपलब्ध करावाया जा रहा है!
कार्यक्रम के समन्वयक शान्ति रतुड़ी ने कहा कि इस प्रशिक्षण में आंगनबाडी कार्यकर्तियों को प्रथम बार आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान की संकल्पना से परिचित कराया गया है, ताकि बालवाटिका स्तर से ही इस हेतु सार्थक प्रयास किये जा सकें,
इस प्रशिक्षण में जनपद के समस्त विकासखंडो से आई कुल 211 आंगनबाड़ी कार्यक्रत्रियों ने प्रतिभाग किया, इस कार्यक्रम में मुख्य सन्दर्भदाता के रूप में डायट प्रवक्ता शान्ति रतूड़ी, बृजेश कुमार मिश्र, गोपाल राणा, टीका राम सिंह, बबीता सजवाण, एवं अजीम प्रेम जी फाउंडेशन से अवनीश, भानुप्रताप,दिनेश कोठियाल ने प्रतिभाग किया।