*उत्तरकाशी : डीएम के सख्त निर्देश – अपात्र उपभोक्ता नौ मार्च तक कर दें राशनकार्ड सरेंडर, वरना होगा मुकदमा दर्ज*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*उत्तरकाशी*

वर्तमान में जन-जन की सरकार कार्यकम में दौरान राशनकार्ड उपभोक्ताओं द्वारा लगातार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (अन्त्योदय अन्न योजना तथा प्राथमिक परिवार) के राशनकार्ड बनाये जाने तथा अपात्र परिवारों की जांच किये जाने का अनुरोध किया गया है। इस क्रम में जिलाधिकारी द्वारा समीक्षा बैठक ली गयी जिसमें जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि जनपद में अपात्र राशनकार्ड धारकों की सघन जांघ अभियान चलाया जाये जिससे अपात्र कार्ड धारकों की छंटनी करते हुये तत्काल प्रभाव से उनके राशनकार्ड निरस्त करते हुये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, पीडीएस कन्ट्रोल ऑर्डर 2015 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्यवाही अमल में लाते हुये बाजार मूल्य की दर से वसूली की कार्यवाही करते हुये प्राथमिकता दर्ज करवाते हुये मुकदमा कर दिया जाये।पात्रता का मानक में अन्त्योदय अन्न योजना- ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य को दिव्यांग पेंशन हेतु पात्रता की श्रेणी में रखा गया है तथा परिवार की मासिक आय रू0 4000/- से कम हो उन्हे इस योजना के अन्तर्गत पात्र माना गया है। प्राथमिक परिवार- ऐसे परिवार जिनका कोई भी सदस्य दिव्यांग हो एवं उस परिवार की मासिक आय रू0 15000/- से कम हो” को प्राथमिक परिवार के अन्तर्गत सम्मिलित किये जायेगें। राज्य खाद्य सुरक्षा योजना इस योजना के अन्तर्गत ऐसे परिवार जिनकी समस्त स्त्रोतों से वार्षिक आय 5 लाख तक हो को सम्मलित किया जायेगा।
जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में समस्त राशनकार्ड उपभोक्ताओं से अपील है कि जिनकी पारिवारिक आय उपरोक्त मानकों से अधिक हो चुकी हो उन्हे अन्तिम अवसर प्रदान करते हुए अपील की जा रही है कि दिनांक 09 मार्च 2026 तक एक प्रार्थना पत्र के साथ अपना राशनकार्ड निकटतम राजकीय अन्न भण्डार, ग्राम पंचायत कार्यालय अथवा जिला पूर्ति कार्यालय, उत्तरकाशी में सरेण्डर कर दें। सम्बन्धित कार्यालय में राशनकार्ड जमा करने के पश्चात प्राप्ति रसीद अवश्य लें। इस अपील के पश्चात भी यदि किसी भी उपभोक्ता द्वारा गरीब जनमानस के लिये जारी की जा रही निःशुल्क राशन का अपात्र होते हुए उपभोग गलत तरीके से किया जाता है. तो उसका कार्ड निरस्त करके राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013, पीडीएस कन्ट्रोल ऑर्डर 2015 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत उसके विरूद्ध कठोर विधिक कार्यवाही अमल में लाते हुये पात्रता समाप्ति के समय से बाजार मूल्य की दर से वसूली की जायेगी तथा प्राथमिकता दर्ज कराते हुये मुकदमा कर दिया जायेगा। जिसका सम्पूर्ण उत्तरदायित्व सम्बन्धित राशनकार्ड धारक व परिवार का होगा!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *