जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बी एस रावत के निर्देशानुसार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र बिजल्वाण के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जाने के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भेटियारा, सटीयालीधार, कमद, उड़री एवं नेपड़ गांव का भ्रमण किया गया।इस अभियान के अंतर्गत गठित टीम में शामिल एसीएमओ, एडीआईओ, डीसी, एएनएम (धौंतरी, कमद एवं गोरसाड़ा), सीएचओ (कमद), ब्लॉक कॉर्डिनेटर (डुंडा) एवं इम्यूनाइजेशन सुपरवाइजर द्वारा क्षेत्र भ्रमण कर अप्रैल एवं मई माह में संभावित प्रसव वाली गर्भवती महिलाओं का निरीक्षण एवं परामर्श दिया गया।
टीम द्वारा भेटियारा, सटीयालीधार, कमद, उड़री एवं नेपड़ गांवों में एएनसी विजिट करते हुए गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य आवश्यक परीक्षणों की समीक्षा की गई। साथ ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा संबंधित क्षेत्र की ए एन एम, आशा कार्यकत्री एवं अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं की नियमित रूप से निगरानी के निर्देश दिए गए। सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव हेतु प्रेरित किया गया तथा उन्हें प्रसव तिथि से एक सप्ताह पूर्व नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान/जिला चिकित्सालय में भर्ती होने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया, जिनमें
पीएचसी धौंतरी,पीएचसी श्रीकालखाल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर कमदशामिल हैं। इन स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण कर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उक्त भ्रमण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषकर क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधानों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी प्रसवों को संस्थागत कराने हेतु सहयोग का अनुरोध किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आमजन से अपील की गई कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में ही कराएं और सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित करें।