*उत्तरकाशी : पीजी कॉलेज में ‘विश्व कला दिवस’ पर हुआ नशा मुक्त जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*उत्तरकाशी*

रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त समिति के अंतर्गत स्थापित ‘ग्लू एंड गिगल क्लब’ द्वारा ‘विश्व कला दिवस’ के अवसर पर नशा मुक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यूरोप के महान चित्रकार लियोनार्दो दा विंची की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ और संचालन महाविद्यालय की नशा मुक्त समिति के नोडल डॉ. एम.पी.एस. राणा द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कलात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए नशा मुक्ति का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. मनीष सेमवाल ने लियोनार्दो दा विंची के जीवन और कला के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. एम.पी.एस. राणा ने अपने संबोधन में कहा कि रचनात्मक गतिविधियों से जुड़कर युवा न केवल सकारात्मक दिशा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि कला के माध्यम से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूरी बना सकते हैं। उन्होंने नशा की लत से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों को भी छात्र-छात्राओं के बीच साझा किया।
विश्व कला दिवस 2026 की थीम— “The garden of expression, cultivating community through art” —पर विस्तार से चर्चा करते हुए डॉ. नेहा गोस्वामी ने बताया कि सामुदायिक विकास में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल को सही दिशा देना आज की मूलभूत आवश्यकता है ताकि वे नशे से दूर रहकर देश की उन्नति में भागीदार बन सकें। डॉ. नेहा तिवारी ने अपने वक्तव्य में स्पष्ट किया कि कला केवल चित्रकला तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्ठा से किया गया प्रत्येक कार्य कला है। उन्होंने निरंतर अभ्यास से बहुमुखी विकास और कला के माध्यम से आजीविका के अवसरों पर भी जोर दिया। इस अवसर पर डॉo मधु बहुगुणा द्वारा छात्र छात्राओं को क्ले के द्वारा कलाकृतियों के निर्माण की जानकारी प्रदत्त की गई।
इस अवसर पर बबीता राणा, जयदेव कुमार, अरुण, अक्षिता, आरती, अनामिका, अंशुल सिंह और निर्मला रावत आदि छात्र-छात्राओं ने नशा मुक्ति को समर्पित अपनी पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर क्लब संयोजक एवम विभागाध्यक्ष गृह विज्ञान, डॉ. नीतू राज ने वर्तमान समय में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को भी एक गंभीर नशा बताते हुए छात्रों को सृजनात्मक कार्यों की ओर मुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई और उन्हें भविष्य में भी इसी प्रकार की रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की।

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