उत्तराखंड एक्सप्रेस ब्यूरो
बड़कोट
यमुनाघाटी के नंदगांव में गुरुवार को भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।
गुलेरिया परिवार को ओर से आयोजित कथा के प्रथम दिवस में कथा वाचक राष्ट्रीय संत दुर्गेश आचार्य ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि भागवत कथा के बिना भक्ति दुखी है तथा ज्ञान और वैराग्य निष्प्राण हैं। उन्होंने कहा कि पद्म महापुराण के उत्तरखंड में वर्णित है कि जब सनकादि भगवान ने निश्चेतन ज्ञान और वैराग्य को भागवत कथा का श्रवण कराया, तभी भक्ति को अमरत्व प्राप्त हुआ तथा ज्ञान और वैराग्य को पुनः प्राणदान मिला।
उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी और अशांत जीवन में परम शाश्वत आनंद की प्राप्ति तथा धुंधकारी जैसे संस्कारहीन और दिशाविहीन, नशे व दुर्व्यसनों से ग्रसित युवाओं को नई दिशा देने का कार्य भागवत कथा ही कर सकती है। भागवत कथा को जीवन में उतारकर ही युवाओं को उदात्त चरित्र और संस्कारवान बनाया जा सकता है।
आचार्य दुर्गेश ने कहा कि वर्तमान समय में दुखी और अशांत समाज के पाप, ताप और संताप का शमन कर अध्यात्म चेतना के माध्यम से जीवन में शाश्वत परमानंद प्रदान करने वाली भागवत कथा ही कलियुग की परम औषधि है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन और धार्मिक माहौल से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।