तिलाड़ी शहीद स्थल से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर भरी हुंकार

उत्तराखंड एक्सप्रेस ब्यूरो

बड़कोट (उत्तरकाशी)

अपनी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने शुक्रवार को ऐतिहासिक तिलाड़ी शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में एकत्रित कर्मचारियों ने सरकार से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को तत्काल लागू करने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

तिलाड़ी शहीद दिवस के अवसर पर पहुंचे कर्मचारियों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि जिस प्रकार स्वतंत्रता सेनानियों और जनआंदोलनों ने अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रकार कर्मचारी भी अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के हितों के अनुरूप नहीं है और सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा की कोई ठोस गारंटी नहीं देती। कर्मचारियों का कहना था कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना लागू की जा चुकी है, ऐसे में उत्तराखंड सरकार को भी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करना चाहिए।

सैकड़ों की संख्या में मौजूद कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन उनका अधिकार है और इसे बहाल किए बिना कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा नहीं की गई तो पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों में अपनी मांगों को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला और उन्होंने एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव भरत शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली, कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा,प्रवक्ता सूर्य पंवार, जिलाध्यक्ष जय प्रकाश बिजल्वाण, मंत्री भूपेंद्र विष्ट, राजकीय शिक्षक संघ जिला अध्यक्ष अवतार चौहान, बलबंत असवाल, श्याम चौहान, अजय रावत, विनोद असवाल, राकेश रमोला,उमेद रावत, जयदेव चौहान,श्रीमती पुष्पा रमोला रावत, विजेंद्र विश्वकर्मा, संजय पंवार,प्रकाश राणा,ललित पंवार, सुभाष चन्द्र, प्रताप राणा, अनिता चौहान, प्रशन्न डोभाल, सुनीता चौहान,बाबूलाल,सकलचन्द आदि सैकड़ो मौजूद थे।

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