जयप्रकाश बहुगुणा
*नौगांव /उत्तरकाशी*
अमर शहीद श्री देव सुमन के बलिदान दिवस पर राजकीय इंटर कॉलेज कंडारी, नौगांव उत्तरकाशी में श्रद्धांजलि सभा के साथ विविध शैक्षिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर उनके आदर्शों को याद किया। इस अवसर पर विद्यालय की बाल दीवार पत्रिका “फुल्यारी” का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यालय में ‘बाल गंगा प्रहरी कॉर्नर’ की स्थापना रहा। यह कॉर्नर वन्यजीव संस्थान भारत , देहरादून एवं राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के संयुक्त बाल गंगा प्रहरी कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापित किया गया है, जिसे जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार का वित्तीय सहयोग प्राप्त है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नदी संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
कार्यक्रम में गंगा, यमुना एवं उनकी सहायक नदियों की जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की जीवनरेखा हैं। विद्यालय में स्थापित कॉर्नर में इंटरएक्टिव पैनल, विभिन्न प्रजातियों के कटआउट एवं शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे विद्यार्थी सहज एवं रोचक ढंग से नदी और पर्यावरण संरक्षण के बारे में सीख सकेंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों ने पौधारोपण, बीज बम अभियान एवं जल स्रोत स्वच्छता अभियान में भी सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों अंशुल, शिवन्या, श्रुति, शिवांश, प्रिया, किशन, सिमरन, अंशिका, ऋषभ, साक्षी, आरुष, आरुषि एवं रिया आदि को सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम संयोजक एवं बाल गंगा प्रहरी समन्वयक सुरक्षा रावत ने विद्यार्थियों के सराहनीय कार्यों की जानकारी दी।
प्रधानाचार्य नरेश रावत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक शनिवार को बाल गंगा प्रहरी कॉर्नर के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ नियमित रूप से संचालित की जाएँगी।
कार्यक्रम का संचालन अनिल बहुगुणा ने किया। इस अवसर पर शिक्षक इंद्र सिंह, नितेश चौहान, दीपिका जैन, रादेश सिंह, कुसुम रावत, अनीता नौटियाल, प्रकाश भंडारी, सुरक्षा रावत, श्रीप्रकाश, राजेश शोखटा, पूजा चौहान एवं कुलभूषण गौड़ आदि के साथ विद्यालय परिवार की उपस्थिति में वन्यजीव संस्थान भारत, देहरादून के शोधकर्ता आश्मिका अग्रवाल, एस. के. पाल एवं दानिश कलीम ने विद्यार्थियों से संवाद कर नदी एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।