*उत्तरकाशी : अपर यमुना वन प्रभाग बड़कोट में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हेतु हुआ सयुंक्त मॉक ड्रिल का आयोजन*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*बड़कोट / उत्तरकाशी*

 

मंगलवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण एवं वन्यजीव रैस्क्यू से संबंधित आकस्मिक परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के मध्य त्वरित एवं प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। माॅक ड्रिल का संचालन आषीश नौटियाल वन क्षेत्राधिकारी रवांई रेंज द्वारा किया गया। मॉक ड्रिल में वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, चिकित्सा अधिकारी / पशु चिकित्सा अधिकारी, तथा एनडीआरएफ टीम द्वारा प्रतिभाग किया गया। अभ्यास के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावित स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित टीमों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन, क्षेत्र को सुरक्षित करना, आमजन को नियंत्रित एवं सुरक्षित स्थान पर ले जाना, गुलदार द्वारा घायल व्यक्ति को रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार कर अस्पताल तक पंहुचान तथा वन्यजीव को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सभी संबंधित टीमों द्वारा आपसी समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा वन्यजीव के स्वास्थ्य एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई, वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम द्वारा रेस्क्यू एवं वन्यजीव प्रबंधन, पुलिस टीम द्वारा कानून-व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण तथा एनडीआरएफ टीम द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में तकनीकी एवं बचाव सहयोग का अभ्यास किया गया।
इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य वास्तविक मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता, त्वरित प्रतिक्रिया, आपसी समन्वय एवं बचाव कार्यों की प्रभावशीलता को परखना तथा आवश्यक कमियों को चिन्हित कर उनमें सुधार करना है।
प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, एंव उप प्रभागीय वनाधिकारी बडकोट द्वारा डी ब्रीफिंग के दौरान माॅक ड्रिल के कार्यवाही की समीक्षा करते हुये भविष्य में माॅक ड्रिल को अत्यधिक प्रभावी एंव व्यवस्थित बनाये जाने के लिए सभी विभागों से आवष्यक सुधार हेतु सुझाव मांगे गये। इस अवसर पर उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा अपने विभाग से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किये गये। प्राप्त सुझावों पर विचार करते हुये बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय,त्वरित सूचना आदान-प्रदान ,षीघ्र प्रतिक्रिया एंव प्रभावी रेस्क्यू कार्यवाही सुनिष्चित करने पर विषेष बल दिया गया। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में जनहानि एवं वन्यजीवों को होने वाली क्षति को न्यूनतम करने के लिए इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, स्थानीय स्तर पर त्वरित सूचना एवं प्रभावी रेस्क्यू व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
इसके पश्चात श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में वन्य जीव सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किया गये जिसमें वन्यजीवों के अवैध शिकार और व्यापार पर नाटक का मंचन किया गये जिसमें स्थानीय कलाकारों के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण का सन्देश दिया गये! प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा लिविंग विद लिपैर्ड कार्यक्रम का परिचय देते हुए डॉक्यूमेंटरी दिखाई गई राजाजी नेशनल पार्क से आये डा राकेश नौटियाल द्वारा रेस्क्यू उपकरणो और वन्यजीवों की उपयोगिता पर जोर दिया गया! साधु लाल पलियाल उप प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा वन्यजीवों की सुरक्षा और वन्यजीवों कानून की जानकारी दी गई!कार्यक्रम का संचालन वन क्षेत्राधिकारी आशीष नौटियाल द्वारा किया गया!
इस अवर पर प्रभागीय वनाधिकारी अजय लिंगवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी साधु लाल पलियाल, वन क्षेत्राधिकारी आशीष नौटियाल, डा राकेश नौटियाल डबल्यू डबल्यू एफ से पंकज जोशी, आकांक्षा, श्री गुरु रामरॉय की प्रधानाचार्य सुश्री कमला रावत, संजय नौटियाल, उप वन क्षेत्राधिकारी मोहब्बत चौहान, अजीत चौहान, स्कूल के शिक्षक, छात्र छात्राएं और वनकर्मी उपस्थित रहें!

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