*उत्तरकाशी : उपराड़ी-बड़कोट में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कास्तकारों, बाग़वानो को जैविक खेती  को बढ़ावा देने के लिए दिया गया प्रशिक्षण*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*बड़कोट/उत्तरकाशी*

जैविक खेती को बढ़ावा देने के उदेश्य से कास्तकारों व बागवानों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया!गुरुवार को जिला योजना के अंतर्गत विकासखंड नौगांव के ग्राम उपराड़ी में किसानों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। क्षेत्र में सेब एवं कीवी की खेती की अपार संभावनाओं को देखते हुए आयोजित यह कार्यक्रम स्थानीय काश्तकारों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।
कार्यक्रम में विभागीय उच्चाधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिकों की उपस्थिति ने इसकी महत्ता को रेखांकित किया। संयुक्त निदेशक सुरेश राम ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए रसायन-मुक्त खेती के लाभ बताए। मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. रजनीश सिंह ने उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के वैज्ञानिक डॉ. कमल कुमार पांडे ने कीवी की वैज्ञानिक खेती पर विस्तार से जानकारी देते हुए पौध चयन, रोपण विधि, पोषण प्रबंधन तथा रोग नियंत्रण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। वहीं हिमाचल प्रदेश से आए विषय विशेषज्ञ विपिन कुमार ने सेब की आधुनिक तकनीकों, रोग प्रबंधन और बगीचों के रखरखाव की उन्नत विधियों को साझा किया।
प्रशिक्षण शिविर के दौरान सेब एवं कीवी के बगीचों में प्रूनिंग (कटिंग) की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई, जिसे उत्पादन और गुणवत्ता सुधार का महत्वपूर्ण आधार बताया गया। सहायक निदेशक डॉ. ज्योति बजेली, मंच संचालन कर रहे अनूप थपलियाल तथा कृषि विभाग की अंजनी रावत की भी सक्रिय भूमिका रही।विशेषज्ञों ने बताया कि यदि क्षेत्र में हाई-डेंसिटी प्लांटेशन और वैज्ञानिक रोग प्रबंधन को अपनाया जाए तो सेब और कीवी का क्लस्टर विकसित किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
कार्यक्रम में नौगांव ब्लॉक के ग्राम प्रधान उपराड़ी रीता रावत, साडा प्रधान नत्थी सिंह नेगी सहित डंडाल गांव, कंसेरु, भाटिया, बर्नीगाड, राजगढ़ी, कफनोल, डामटा के ग्राम प्रधान एवं कृषक राधाकृष्ण उनियाल, संजय डोभाल, कन्हैया डोभाल, राधेश्याम डोभाल, मनोज बंधानी, शीशपाल रावत आदि ने भाग लिया।

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