कर, स्थापना, लेखा, निर्माण एवं अन्य अनुभागों के कार्यों की ली जानकारी, कर्मचारियों की देयताएं लंबित न होने पर की सराहना
उपस्थित पार्षदों से किया संवाद, बैकुंठ चतुर्दशी मेले की तैयारियों का भी लिया जायज़ा
पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने नगर निगम श्रीनगर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर विभागीय कार्यों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कर, स्थापना, लेखा, निर्माण एवं अन्य अनुभागों में संचालित कार्यों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने पर जोर दिया।
कर अनुभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर वसूली, विभिन्न देयकों और भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि कर वसूली की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित की जाए तथा राजस्व वसूली के कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित देयकों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और राजस्व संग्रहण की प्रभावी निगरानी करने को कहा। इस दौरान उन्होंने आधार सेवा केंद्र के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का निरीक्षण करते हुए कहा कि यहां अच्छी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होने से आमजन को आवश्यक सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। साथ ही उन्होंने इसके अधिक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए।
स्थापना अनुभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्मिकों से संबंधित व्यवस्थाओं एवं विभागीय कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यरत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों से संबंधित देयकों का कोई भुगतान लंबित न होने पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अनुभाग के कार्यों की सराहना की। साथ ही उन्होंने कार्यालयी कार्यों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने तथा अभिलेखों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लेखा अनुभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम के आय-व्यय, विभिन्न मदों में किए जा रहे भुगतानों तथा वित्तीय कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने भुगतान संबंधी कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

निर्माण अनुभाग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम के अंतर्गत संचालित एवं प्रस्तावित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं। साथ ही, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निगम के उपस्थित पार्षदों से भी संवाद किया। उन्होंने पार्षदों से उनके क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने महापौर तथा उपजिलाधिकारी से आगामी बैकुंठ चतुर्दशी मेले की तैयारियों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने मेले के दौरान स्वच्छता, पेयजल, यातायात, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बैकुंठ चतुर्दशी मेले के लिए नामित नोडल अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा आपसी समन्वय के साथ मेले का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने नगर निगम के चार्ज अधिकारियों के लिए आयोजित जनगणना प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसे गंभीरता, जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ संपादित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कार्मिकों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग करते हुए जनगणना संबंधी कार्यों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपादित करने की अपेक्षा की।
इस अवसर पर महापौर आरती भंडारी, एसडीएम नूपुर वर्मा, तहसीलदार दीपक भंडारी सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
