उत्तराखंड Express ब्यूरो
*श्रीनगर गढ़वाल*
श्रीनगर गढ़वाल से 14 दिन पहले लापता हुई नाबालिग लड़की का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाने पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। रविवार को वाल्मीकि समाज से जुड़े लोगों और स्थानीय नागरिकों ने भारी संख्या में श्रीनगर कोतवाली पहुंचकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कोतवाली का घेराव किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घटना को दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक लड़की की बरामदगी में कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर पाई है। इससे परिवार और समाज में गहरी नाराजगी है। लोगों ने आरोप लगाया कि मामले में अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई, जिसके कारण अब तक कोई बड़ा सुराग सामने नहीं आया।
गुस्साए लोगों ने पुलिस प्रशासन को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि के भीतर नाबालिग युवती सुरक्षित बरामद नहीं हुई या मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज के लोग खुद मैदान में उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस से मामले के हर पहलू की गहन जांच करने, संभावित आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने और जांच की रफ्तार तेज करने की मांग की। परिजन लगातार बेटी की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार किशोरी 14 दिन पहले शुक्रवार तड़के घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। सुबह जब वह घर पर नहीं मिली तो परिवार के लोग उसकी तलाश में जुटे और बाद में पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर किशोरी सुबह करीब चार बजे घर से निकलती हुई दिखाई दी, लेकिन इसके बाद उसके संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि किशोरी की दोस्ती क्षेत्र के एक 16 वर्षीय नाबालिग युवक से थी। परिवार का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी इस संबंध पर आपत्ति जताई थी और कुछ दिन पहले इस बात को लेकर किशोरी को समझाया था। परिवार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने युवक से भी पूछताछ की। पुलिस के अनुसार युवक अपने घर पर ही मिला है और उससे आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
श्रीनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम लापता युवती की तलाश में लगातार जुटी हुई है। तकनीकी माध्यमों से भी जांच की जा रही है और हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि युवती के घर से एक सुसाइड नोट भी प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर अलकनंदा नदी में भी तलाश अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच विभिन्न पहलुओं पर जारी है और जल्द सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।
वहीं 14 दिन बाद भी नाबालिग का कोई सुराग न मिलना पूरे क्षेत्र में चिंता और चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।