उत्तराखंड Express ब्यूरो
रुद्रप्रयाग
महर्षि अगस्त्य मुनि महाराज की ऐतिहासिक एवं पारंपरिक देवरा यात्रा के दौरान उत्पन्न हुई अव्यवस्था को जिला प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धर्म की आड़ में किसी भी प्रकार की अराजकता, हिंसा अथवा कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा देवरा यात्रा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए पूर्व से ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। महर्षि अगस्त्य मंदिर से अगस्त्यमुनि सैंण स्थित गद्दीस्थल तक पारंपरिक मार्ग पर साफ-सफाई, चूना डालकर मार्ग को समतल करना, श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवश्यक प्रबंध, यातायात नियंत्रण एवं पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर समिति के पदाधिकारियों से यात्रा मार्ग को लेकर पूर्व में ही समन्वय स्थापित कर लिया गया था।
इसके बावजूद कुछ अराजक तत्वों द्वारा धार्मिक परंपरा की आड़ लेकर जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने का प्रयास किया गया। इन लोगों ने क्रीड़ा भवन अगस्त्यमुनि के मुख्य द्वार को तोड़ दिया, जिससे सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंची। इस घटना के कारण नेशनल हाईवे-107 पर लगभग तीन से चार घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे स्थानीय नागरिकों, यात्रियों एवं पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
घटना के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस एवं प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को चिन्हित किया। त्रिभुवन चौहान, अनिल बैजवाल, राजेश बैजवाल सहित कुल 52 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 127 (सदोष परिरोध), धारा 191(2) (विधि विरुद्ध जमाव), धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र) एवं धारा 285 (लोक मार्ग बाधित करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही लोक संपत्ति को नुकसानी का निवारण अधिनियम 1984 के तहत क्षति की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। कुछ रिपीटेड ऑफेंडर्स के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद की शांति, सौहार्द और धार्मिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखें, प्रशासन का सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों और अराजक गतिविधियों से दूरी बनाए रखें। प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।