उत्तराखंड Express ब्यूरो
टिहरी गढ़वाल
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं कम नहीं हो रही है, कहीं गुलदार मानव का शिकार कर रहा है तो कहीं भालू के हमले हो रहे है! आज गुरुवार को जब चंबा-धरासू मोटर मार्ग पर सुल्याधार के नीचे थापली तोक में खूंखार हो चुके भालू की गतिविधियों को देखने के लिए ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर सिंह रावत, फॉरेस्टर अजयपाल पंवार, विनोद सिंह रावत आदि ग्रामीण पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद भालू ने उन पर हमला कर दिया। तीनों व्यक्ति काफी देर तक भालू से लड़ते रहे और अंत में उसे दूर भगाने में कामयाब हुए, लेकिन इस दौरान तीनों घायल भी हो गए। भालू ने उनके शरीर पर अपने नाखूनों से जख्म बना दिए। उसके बाद अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंचे और कण्डी व कंधों के सहारे उन्हें सड़क तक लाए। बताते चलें कि कुछ दिनों पूर्व इसी जगह पर सुल्याधार निवासी एक महिला को इसी भालू ने एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसका ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में उपचार चल रहा है। भाजपा मंडल अध्यक्षव पूर्व प्रधान ऋषि राम भट्ट ने बताया कि उक्त भालू बहुत खूंखार हो चुका है। वन विभाग के डीएफओ को खतरे से अवगत कराया गया था, लेकिन उन्होंने बिना हथियारों के केवल लाठी डंडों के सहारे विभाग के कुछ लोगों को लोगों को मौके पर भेजा। उन्होंने कहा कि आज जो घटना हुई उसके लिए डीएफओ जिम्मेदार है। जिला पंचायत सदस्य शीशपाल सिंह राणा भाजपा नेता भगवान सिंह राणा, राजेंद्र सिंह नेगी आदि क्षेत्र के लोगों ने घायलों की मदद की और वन विभाग के खिलाफ रोष प्रकट कर कहा कि आखिर कब तक ऐसा होता रहेगा।