
जयप्रकाश बहुगुणा
*बड़कोट /उत्तरकाशी*
उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट में जिला स्तरीय अनुसूचित जाति बाजगी समुदाय ने अतिथि सम्मान समारोह का आयोजन किया, जिसमें अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष दर्जाधारी राज्यमंत्री गीताराम गौड़, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मिडिया प्रभारी मनवीर चौहान, पुरोला से भाजपा विधायक दुर्गेश्वर लाल, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ स्वराज विद्वान व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए!समारोह में उपस्थित अनुसूचित जाति बाजगी समुदाय के लोगों ने एक स्वर में राज्य सरकार से मांग की कि बाजगी समुदाय अपनी पौराणिक संस्कृति के संवाहक हैं, तथा हर कार्यक्रम, समारोह में बाजगी समुदाय के लोग अपने लोक बाध्य यंत्रो के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं!बाजगी समुदाय ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में भी बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई, तथा आंदोलन को अपने मुकाम तक पहुंचाया, लेकिन बाजगी समुदाय के लोगों को राज्य आंदोलनकारी का दर्जा देने से भी वंचित रखा गया!उत्तराखंड की हर सांस्कृतिक विरासत को संजोने वाले अनुसूचित जाति के बाजगी समुदाय को आजतक किसी भी स्तर पर प्रोत्साहित नहीं किया गया है!बाजगी समुदाय के लोगों ने उत्तराखंड राज्य सरकार से मांग की है कि समुदाय के लोगों को राज्य संस्कृति मंत्रालय से संस्कृति कर्मी घोषित कर प्रति परिवार से एक सदस्य को पेंशन या मानदेय दिया जाय, ताकी अनुसूचित जाति के बाजगी समुदाय को समाज में अपनी लोक संस्कृति व पौराणिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिल सके!बाजगी समुदाय के लोगों ने अपनी मांग को लेकर राज्य सरकार को एक ज्ञापन भेजकर कार्यवाही करने की मांग की!समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने बाजगी समुदाय की मांग को सरकार के समक्ष रखकर उचित कार्यवाही करवाने का आश्वासन दिया!इससे पूर्व अनुसूचित जाति के बाजगी समुदाय ने समारोह में आमंत्रित अतिथियों का ढ़ोल बाजों के साथ माल्यार्पण कर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया, तथा स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट कर उनका सम्मान किया!कार्यक्रम में अनुसूचित जाति बाजगी समुदाय के प्रदेश अध्यक्ष शतीश दास,भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामप्रकाश जुड़ियाल, पूर्व अध्यक्ष धर्म दास,बचन दास,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष अतोल रावत, जयबीर दास, रमेश दास, दिनेश, सुनील, नीलम दास, खजान दास, प्रवीन, रुकम दास, गोलू डोभाल, सोबेन्द्र सिंह, लायबर दास, प्रेम दास, सुंदर प्रेमी सहित दर्जनों जनप्रतिनिधि व अनुसूचित जाति बाजगी समुदाय के लोग उपस्थित रहे!