उत्तरकाशी।
पुरोला और मोरी क्षेत्र की भोजन माता संगठन से जुड़ी महिलाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।
बुधवार को भोजन माता संगठन मोरी की अध्यक्षा रजनी रावत के नेतृत्व में पुरोला तहसील परिसर में भोजन माताएं एकत्रित हुईं। इस दौरान पुरोला, मोरी और नौगांव विकासखंड में संगठन विस्तार को लेकर बैठक आयोजित की गई।
साथ ही मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में भोजन माताओं ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले कई वर्षों से अधिक समय से कार्य कर रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें मात्र 100 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। उनका कहना था कि सरकारें लगातार आश्वासन देती रही हैं और महिला सशक्तिकरण की बातें करती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। बढ़ती महंगाई के दौर में इतने कम मानदेय में परिवार और बच्चों की शिक्षा-दीक्षा का खर्च उठाना कठिन हो गया है।
भोजन माताओं ने ज्ञापन के माध्यम से मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने, सेवानिवृत्ति के समय आजीविका के लिए पारितोषिक राशि देने, विद्यालय बंद होने की स्थिति में अन्य विद्यालयों में समायोजन करने तथा राजकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में रजनी रावत, बामदेवी, नीलम, कुलवंती, दर्शनी देवी, रामप्यारी, कृष्णा, सुचिता देवी, अम्बाला, शांति देवी, उर्मिला, मोहनी देवी, रीता देवी और सुनीता सहित अन्य भोजन माताएं मौजूद रहीं।