जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों महान विभूतियों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने रामधुन तथा महात्मा गांधी के प्रिय भजन की प्रस्तुति दी।
जिलाधिकारी ने कहा आज का दिन देश के लिए विशेष महत्व रखता है। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से पूरी दुनिया को मानवता का मार्ग दिखाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों के विचार और आदर्श देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इन्हीं मूल्यों से प्रेरणा लेकर देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज ‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान’ के संकल्प के साथ भारत विकास और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा सत्य और ईमानदारी के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
इस अवसर पर दर्जाधारी राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, जिला पूर्ति अधिकारी आशीष कुमार, जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।जबकि विकास भवन में
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की 122वीं जयंती के पावन अवसर पर विकास भवन परिसर, में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान विकास भवन परिसर राष्ट्रपिता गांधी के प्रिय भजन “रघुपति राघव राजा राम” की रामधुन से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि महात्मा गांधी जी का सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, स्वावलंबन और सर्वोदयी चिंतन तथा लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के आदर्श आज भी हमारे लिए प्रेरणा के अक्षय स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि “जय जवान, जय किसान” का शास्त्री जी का संदेश राष्ट्र निर्माण में सुरक्षा और कृषि—दोनों के महत्व को रेखांकित करता है, वहीं गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांत समाज को न्याय, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की दिशा प्रदान करते हैं।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की वास्तविक भावना तभी सार्थक होगी, जब हम अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप पंवार, आजीविका प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय,सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।