उत्तराखंड Express ब्यूरो
*श्रीनगर गढ़वाल*
श्रीनगर का ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेला इस वर्ष 23 नवंबर से शुरू होगा। मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में महापौर आरती भंडारी की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यालय में पार्षदों और अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर चर्चा की गई।
महापौर आरती भंडारी ने मेले के सफल आयोजन के लिए पार्षदों से सुझाव लिए। बैठक में मेला स्थल तक आवागमन सुगम बनाने, यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने, बाजारों को सजाने और मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया।
*पहाड़ी संस्कृति और परिधानों की दिखेगी झलक*
इस वर्ष बैकुंठ चतुर्दशी मेले में उत्तराखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक पहाड़ी परिधानों को विशेष रूप से बढ़ावा देने की योजना है। स्थानीय सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं को कार्यक्रमों में शामिल कर मेले को क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
महापौर आरती भंडारी ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नगर निगम का प्रयास है कि मेले का आयोजन बेहतर व्यवस्थाओं के साथ भव्य रूप में किया जाए। साथ ही स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी जाए। उन्होंने कहा कि पार्षदों और संबंधित अधिकारियों के सुझावों के आधार पर तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में नगर आयुक्त नुपुर वर्मा सहित नगर निगम के पार्षद, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
