उत्तराखंड एक्सप्रेस ब्यूरो
बड़कोट (उत्तरकाशी)
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बड़कोट में डीएलएड प्रशिक्षुओं को संगीत के माध्यम से शिक्षण को रुचिकर और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न हो गई। तीन दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षुओं को स्वरों की पहचान, विभिन्न तालों, प्रार्थनाओं, लोकगीतों और समूहगान का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ डायट प्राचार्य संजीव जोशी ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजनकर्ता विभागाध्यक्ष हेमू बिष्ट ने संदर्भदाता दिनेश पाठक, राजकीय इंटर कॉलेज जयहरीखाल, लैंसडाउन और लोक गायक मुकेश बेसारी का परिचय प्रशिक्षुओं से कराया।
कार्यशाला के दौरान संदर्भदाताओं ने प्रशिक्षुओं को स्वरों की पहचान, नियमित रियाज और जंपिंग अभ्यास कराया। साथ ही दादरा, रूपक और कहरवा ताल का अभ्यास कराने के साथ विभिन्न प्रार्थनाओं, लोकगीतों एवं समूहगान का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने सीखे गए संगीत कौशल का प्रस्तुतीकरण किया।
इस दौरान डायट प्राचार्य संजीव जोशी ने सेवापूर्व विभागाध्यक्ष, संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाओं और गणित कार्यशाला में उपस्थित शिक्षकों ने प्रस्तुतियां देखीं।
कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षुओं को संगीत के जरिए कक्षा शिक्षण को अधिक आनंदमय, रचनात्मक और प्रभावी बनाने के तरीकों से परिचित कराया गया। इस तरह के प्रशिक्षण से भावी शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दे सकेंगे।
