– जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने की जांच, केंद्र सरकार को भेजी जाएगी जांच रिपोर्ट, करीब चार करोड़ रुपये से अधिक मुआवजे का है प्रस्ताव
बड़कोट (उत्तरकाशी) । ऑल वेदर रोड़ परियोजना से आरओडब्ल्यू के अंतर्गत प्रभावित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग-134 के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से बाहर स्थित प्रभावित परिसंपत्तियों के लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए संयुक्त जांच पूरी कर ली है। जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच समिति ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-134 के आरओडब्ल्यू के बाहर स्थित 16 प्रभावित परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत जांच की। जांच के दौरान भवनों को हुई क्षति के कारणों, निर्माण पद्धति, स्लोप फेल्योर तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन परीक्षण किया गया। इस समिति में प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि धरासू बैंड से फूलचट्टी तक ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित करीब डेढ़ दर्जन मामलों का निस्तारण लंबे समय से लंबित था। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी ने एसडीएम बड़कोट एवं एसडीएम डुंडा की अध्यक्षता में संयुक्त समिति का गठन कर निष्पक्ष जांच कराई।
अब संयुक्त जांच रिपोर्ट भारत सरकार को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर प्रभावितों को मुआवजा स्वीकृत होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और विभाग द्वारा प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और वर्षों से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जगी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि धरासू बैंड से फूलचट्टी तक सड़क चौड़ीकरण से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन प्रकरणों में चार करोड़ रुपये से अधिक के मुआवजे का प्रस्ताव तैयार किया गया है। संयुक्त जांच रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद प्रभावितों को राहत मिलने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।