जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, श्रीमती कमलेश उपाध्याय की अध्यक्षता में शुक्रवार को पुलिस लाइन उत्तरकाशी स्थित भागीरथी कॉन्फ्रेंस हॉल में मासिक अपराध गोष्ठी एवं सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में कांवड़ यात्रा, मानसून सत्र, कानून-व्यवस्था, चारधाम यात्रा तथा नशा उन्मूलन अभियान की समीक्षा करते हुए जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस जवानों की विभागीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुये उनके त्वरित एवं प्रभावी समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। साथ ही पूर्व में प्राप्त समस्याओं पर की गई कार्यवाही की समीक्षा भी की गयी।
*कांवड़ यात्रा एवं मानसून को लेकर विशेष निर्देशः
एसपी द्वारा कांवड़ यात्रा के दौरान सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूर्ण सतर्कता एवं संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भूस्खलन एवं आपदा संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिक वर्षा या आवश्यकता पड़ने पर कांवड़ियों एवं तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि कांवड़ियों, तीर्थयात्रियों एवं आम नागरिकों के साथ सदैव शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाए। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए मॉडिफाइड, रेट्रोफिटेड एवं अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध साइलेंसरों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, अपुष्ट एवं अफवाहपूर्ण सूचनाओं पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। चारधाम यात्रा-2026 के प्रथम चरण के सफल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन में पुलिस बल द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया गया तथा आगामी व्यवस्थाओं के लिए भी इसी समर्पण एवं अनुशासन के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया।
बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए सभी थाना, कोतवाली एवं कार्यालय परिसरों में नियमित साफ-सफाई तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डेंगू व संक्रमणजनित बीमारियों से बचाव हेतु व्यक्तिगत स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं खान-पान का विशेष ध्यान रखने, सभी जवानों को नियमित योग व व्यायाम करने की हिदायत दी गयी। पुलिस कर्मियों के वेलफेयर को प्राथमिकता देते हुये सभी थाना व स्टेशन प्रभारियों को समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करवाकर जवानों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिये गये।
पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को वाहन चलाते समय पूर्ण सतर्कता एवं अनुशासन बरतने, यातायात एवं सड़क सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा कोताही से बचने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। साथ ही स्वयं सुरक्षित रहकर आमजन के लिए भी सुरक्षित यातायात का उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई! विगत माह उत्कृष्ट कार्य करने वाले 20 पुलिस कर्मियों को “मैन ऑफ द मंथ” घोषित कर प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित कार्मिकों में मुख्य आरक्षी, आरक्षी, महिला पुलिस कर्मी, होमगार्ड एवं पीआरडी जवान शामिल रहे, जिन्होंने चारधाम यात्रा के दौरान विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं दी।मासिक अपराध समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा सभी थाना प्रभारियों को लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने, जांच में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाए रखने तथा लंबित समन एवं वारंटों की शत-प्रतिशत तामील कराने के निर्देश दिए। साइबर एवं अन्य ऑनलाइन पोर्टलों को नियमित रूप से अपडेट रखने पर विशेष बल दिया। साथ ही महिलाओं से संबंधित अपराधों एवं साइबर धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। पुलिस मुख्यालय व उच्चाधिकारियों द्वारा प्राप्त दिशानिर्देशों का प्रभावी अनुपालन करने हेतु निर्देशित किया गया।सम्मेलन में प्रधानमन्त्री एवं गृहमन्त्री भारत सरकार की अध्यक्षता में आयोजित DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस 2025-26 की संस्तुतियों की प्रेजेंटेंशन प्रदर्शित कर पुलिस अधिकारी एवं कर्मियों को पब्लिक फ्रेंडली, जनसुरक्षा एवं सामुदायिक पुलिसिग पर बल दिया गया!न्यू क्रिमिनल लॉ का प्रभावी अनुपालन के साथ आमजन में नये आपराधिक कानून के प्रति जागरुकता बढाने के निर्देश दिये गये।
बैठक के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) प्रवीन एवं शासकीय अधिवक्ता (पोक्सो) श्रीमती पूनम ने अपने न्यायिक अनुभवों एवं महत्वपूर्ण न्यायालयीन निर्णयों का उल्लेख करते हुए पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विवेचना के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों, वैज्ञानिक एवं विधिसम्मत साक्ष्य संकलन, अभियोजन की दृष्टि से प्रभावी केस डायरी तैयार करने तथा न्यायालय में अभियोजन को सशक्त बनाने हेतु आवश्यक विधिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही गुणवत्तापूर्ण विवेचना के माध्यम से अपराधियों को प्रभावी दंड दिलाने के लिए पुलिस एवं अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
बैठक/सम्मेलन में पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार, पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक शिव कुमार, निरीक्षक यातायात सुनील कुमार, जनसम्पर्क अधिकारी अजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक शिकायत प्रकोष्ठ टीकम सिंह, कम्पनी कमाण्डर एसडीआरएफ जगदम्बा प्रसाद, प्रभारी एसओजी निखिल देव चौधरी, उपनिरीक्षक राकेश बिष्ट (एलआईयू) सहित जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षक एवं थानाध्यक्ष उपस्थित रहे। यमुना वैली के पुलिस अधिकारी तथा प्रभारी निरीक्षक हर्षिल वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।