*उत्तरकाशी : कफनोल, नौगांव की बेटी प्रियांशी को मिला नया जीवन,राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित बालिका की हुई सफल हृदय शल्य चिकित्सा*

 

जयप्रकाश बहुगुणा 

*नौगांव /उत्तरकाशी*

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों में गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसी क्रम में आरबीएसके नौगाँव टीम-बी द्वारा राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय, कफनोल में अध्ययनरत कक्षा 5 की बालिका कु. प्रियांशी, ग्राम कफनोल को स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान जन्मजात हृदय रोग (CHD – Congenital Heart Disease) से चिन्हित किया गया।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बालिका के दिल में छेद संबंधी गंभीर बीमारी का पता चला। बालिका के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिजन उसके समुचित उपचार को लेकर असमर्थ थे। आरबीएसके टीम द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए बालिका को आवश्यक उपचार एवं उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगाँव रेफर किया गया। इसके उपरांत बालिका की बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उसे कोरोनेशन चिकित्सालय, देहरादून रेफर किया गया तथा आगे की उपचार प्रक्रिया के लिए ग्राफिक एरा हॉस्पिटल, देहरादून भेजा गया।

बालिका के सफल उपचार एवं सर्जरी की प्रक्रिया में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रबन्धक मनोज भट्ट द्वारा भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया गया। आरबीएसके टीम द्वारा बालिका को रेफर किए जाने के उपरांत मनोज भट्ट द्वारा कोरोनेशन चिकित्सालय एवं ग्राफिक एरा हॉस्पिटल के संबंधित चिकित्सकों एवं अधिकारियों से निरंतर समन्वय स्थापित करते हुए बालिका की उपचार प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उनके समन्वय एवं निरंतर फॉलोअप से बालिका को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।

ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बालिका की आवश्यक जांच एवं उपचार प्रक्रिया के उपरांत दिनांक 08 जून 2026 को बालिका की हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की गई। उपचार के उपरांत वर्तमान में बालिका पूर्णतः स्वस्थ है तथा उसका स्वास्थ्य संतोषजनक है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आरबीएसके टीमों द्वारा जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। परीक्षण के दौरान बच्चों में जन्मजात विकार, बीमारियां, पोषण संबंधी समस्याएं एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को चिन्हित किया जाता है। गंभीर अथवा उपचार योग्य मामलों को आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों के लिए रेफर किया जाता है तथा संबंधित बच्चे के उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक समन्वय एवं फॉलोअप किया जाता है।

कु. प्रियांशी का सफल उपचार आरबीएसके कार्यक्रम की सार्थकता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। विद्यालय स्तर पर किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान समय पर बीमारी की पहचान होने से बालिका को उचित स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाया गया और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उसका सफल उपचार संभव हो सका।
बालिका के परिजनों ने आरबीएसके नौगाँव टीम-बी में तैनात चिकित्सक डॉ. योगेश उनियाल एवं फार्मासिस्ट शुभम सेमवाल का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि आरबीएसके टीम द्वारा समय पर बीमारी की पहचान, उचित रेफरल एवं उपचार के लिए मार्गदर्शन मिलने के कारण उनकी बेटी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से मिली सहायता एवं सहयोग के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्याम विजय एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोहित भंडारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव ने आरबीएसके नौगाँव टीम एवं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबन्धक मनोज भट्ट द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।

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