उत्तराखंड Express ब्यूरो
ऋषिकेश
देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के तत्वाधान में आज दिनांक 6 अप्रैल 2026 को श्री देव सुमन उत्तराखंड यूनिवर्सिटी के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में द्वितीय उद्यमिता ओरिएंटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्यमिता के उन्नत आयामों से परिचित कराना तथा उन्हें अपने व्यावसायिक विचारों को व्यवहारिक रूप देने हेतु प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन टूरिज्म की निदेशक प्रोफेसर अनीता तोमर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह द्वितीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभिक जानकारी से आगे बढ़ाकर उन्हें वास्तविक उद्यम स्थापना की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल, नवाचार और जोखिम उठाने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने विचारों को केवल कल्पना तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें योजनाबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने का प्रयास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए यह भी कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया प्रयास भी भविष्य में बड़े उद्यम का रूप ले सकता है, यदि उसमें समर्पण और सही दिशा हो।
कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सुश्री सपना नेगी ने विद्यार्थियों को योजना के द्वितीय चरण से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने इस सत्र में विशेष रूप से स्टार्टअप आइडिया वैलिडेशन, बिजनेस मॉडल कैनवास, वित्तीय प्रबंधन एवं मार्केटिंग रणनीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस चरण में चयनित विद्यार्थियों को मेंटरशिप, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता के साथ-साथ उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम की विशेषता के रूप में इस बार एक इंटरएक्टिव वर्कशॉप सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर उनसे उनके स्वयं के स्टार्टअप आइडियाज पर कार्य कराया गया। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपने विचारों को प्रस्तुत किया तथा विशेषज्ञों से तत्काल प्रतिक्रिया प्राप्त की, जिससे उनकी समझ और अधिक स्पष्ट हुई।
इसके अतिरिक्त, पूर्व प्रतिभागियों में से कुछ विद्यार्थियों ने अपने प्रगति अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार प्रथम ओरिएंटेशन के बाद उन्होंने अपने विचारों पर कार्य प्रारंभ किया और प्रारंभिक स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए। इन अनुभवों ने अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित किया।
प्रोफेसर धर्मेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि उद्यमिता आज के समय की आवश्यकता है और विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक रोजगार के विकल्पों तक सीमित न रहकर नए अवसरों की खोज करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के माध्यम से युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शालिनी रावत ने सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए, जिससे उनमें उत्साह एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ।
परिसर निदेशक प्रोफेसर महावीर सिंह रावत ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के चरणबद्ध ओरिएंटेशन कार्यक्रम विद्यार्थियों को निरंतर सीखने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाकर भविष्य में सफल उद्यमी बनेंगे।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर एन. के. जोशी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और ऐसे कार्यक्रम उनके व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध होंगे।
द्वितीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम में 86 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उत्साह, नवाचार के प्रति बढ़ती रुचि तथा उद्यमिता की दिशा में ठोस कदम उठाने के संकल्प के साथ हुआ।