जयप्रकाश बहुगुणा
*उत्तरकाशी*
जनपद में गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम आने वाले देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा को सुरक्षित और यादगार बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के दिशा-निर्देशन में शुरू किए गए इस अभिनव प्रयास के तहत चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री तथा धरासू बैंड से जानकीचट्टी तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर जर्जर पड़े पुराने यात्री प्रतीक्षालयों का कायाकल्प करने की प्रक्रिया चल रही है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा चिन्हित किए गए ऐसे स्थलों को आधुनिक स्वरूप देने के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता और हिमाच्छादित दृश्यों का आनंद लेने के लिए स्थल विकसित किए जा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मदन मोहन शर्मा ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों भटवाड़ी, नौगांव, पुरोला और मोरी में कुल रू 31.32 लाख रुपये की अनुमानित लागत से 14 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अनुसार हीना पार्किंग, मनेरी डैम झरना, डबरानी, सुक्कीटॉप, झाला, हर्षिल, गंगोत्री धाम में दो, यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर दो, लाखामण्डल यात्रा मार्ग, पुरोला तथा मोरी जैसे रमणीक स्थलों पर व्यू प्वाइंट्स, सेल्फी प्वाइंट्स और पथ प्रदर्शक स्तम्भों की स्थापना की का रही है।
इस पहल से जनपद आने वाले यात्रियों को विश्राम और फोटोग्राफी की बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही संपूर्ण क्षेत्र में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई मजबूती प्राप्त होगी। पुराने विश्रामालयों के कायाकल्प और नए आकर्षणों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा पर्यटन पटल पर जिले की एक बेहद सकारात्मक एवं छवि उभरकर सामने आएगी।
जनपद में बनाए जा रहे इन 14 स्थलों में से 10 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। हीना पार्किंग में सेल्फी प्वाइंट, डबरानी में पथ प्रदर्शक स्तंभ, पुरोला में व्यूव/ सेल्फी प्वाइंट, मोरी में यात्रा मार्ग पुनरोद्धार एवं सेल्फी प्वाइंट का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिन्हें इस माह के अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।