
*सीड़े, असके, बाड़ी, बड़ील, मड़वे की रोटी, पहाड़ी हरी सब्जियां, बद्री गाय का घी, दही, मट्ठा, झंगोरे की खीर, चौलाई का हलवा आदि पारंपरिक पकवानों से सजी थालियां*
जयप्रकाश बहुगुणा
*नौगांव /उत्तरकाशी*
नगर पंचायत नौगांव के वार्ड नंबर 6 स्थित देवलसारी आंगनबाड़ी केंद्र में आंगन मिलन कार्यक्रम पारंपरिक रंगों के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सजे गढ़ भोज, स्थानीय अनाजों और पहाड़ी उत्पादों की प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। स्थानीय फसलों से कार्यक्रम की रंगोली भी तैयार की गई।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार महावीर रवाल्टा, तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित ‘रेड राइस लेडी’ स्वतंत्री बंधानी, जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी और नरेश नौटियाल अतिथि के रूप में शामिल हुए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने केदारपत्री और हरियाली छूपकी से अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला रावत और सहायिका अनुराधा नौटियाल द्वारा तैयार गढ़ भोज में 10 से अधिक पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन शामिल थे। सीड़े, असके, बाड़ी, बड़ील, मड़वे की रोटी, पहाड़ी हरी सब्जियां, बद्री गाय का घी, दही, मट्ठा, झंगोरे की खीर, चौलाई का हलवा, मक्का का पॉपकॉर्न और काले चने ने लोगों को पहाड़ के पारंपरिक स्वाद से परिचित कराया।
गढ़ भोज के साथ इन व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।
कार्यक्रम में स्थानीय फसलों और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें लाल चावल, मक्का, कौणी, चीणा, तिल, भांगजीरा, मड़वे का आटा और स्थानीय राजमा के साथ पहाड़ी फलों में कीवी और सेब तथा विभिन्न स्थानीय सब्जियां प्रदर्शित की गई! प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय अनाज, पारंपरिक खाद्य पदार्थों और पहाड़ी कृषि उत्पादों के संरक्षण एवं उपयोग का संदेश दिया गया।
आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।
‘रेड राइस लेडी’ स्वतंत्री बंधानी ने कार्यकर्ताओं के सेवा भाव की सराहना की और उन्हें जनसेवा के कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं की सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।अतिथियों ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और पहाड़ी कृषि उत्पादों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पारंपरिक विरासत से जोड़ने का प्रयास हैं।
कार्यक्रम की अन्य गतिविधियां
कार्यक्रम में सभी 55 प्रतिभागियों को गढ़ भोज कराया गया। प्रतिभागियों और लाभार्थियों को स्थानीय पकवानों को दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर श्रीमती कोमल नौटियाल की गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई। लोगों ने नाच-गाने के साथ इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में सबसे बुजुर्ग महिला श्रीमती नीला देवी को सम्मानित किया गया। इसके अलावा दिव्यांग बालिकाओं शिवांशी और अनीशा को भी अतिथियों ने सम्मानित किया।कार्यक्रम में शशि आर्य,आंगनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला रावत, सहायिका अनुराधा नौटियाल, आशा कार्यकत्री रमीन वाला, पमिता देवी, कोमल, गीता देवी, अरविंद नौटियाल और सुरवीर सिंह सहित कुल 55 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
