उत्तराखंड एक्सप्रेस ब्यूरो
बड़कोट (उत्तरकाशी) ।
स्यानाचट्टी के निकट किमी 80+100 पर भूस्खलन से राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद एनएच की ओर से पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए अस्थायी पैदल मार्ग तैयार कर दिया गया है। इससे स्थानीय लोगों और यात्रियों का आवागमन सुचारु रूप से हो रहा है।
वहीं, वाहनों की आवाजाही बहाल करने के लिए एनएच द्वारा वैकल्पिक डाइवर्जन मार्ग तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार मौसम अनुकूल रहा तो यह डाइवर्जन अगले दो से तीन दिनों में तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही शुरू कराई जा सकेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि पैदल यात्रियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्ग तैयार कर दिया गया है। साथ ही वाहनों के संचालन के लिए वैकल्पिक डाइवर्जन मार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिसे दो-तीन दिनों में तैयार कर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के लिए लगातार मशीनें और श्रमिक युद्धस्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं।
स्यानाचट्टी में रातभर चला बोल्डर तोड़ने और हटाने का अभियान
बड़कोट। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी में क्षतिग्रस्त हिस्से में विशाल बोल्डरों को तोड़ने और हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। शुक्रवार रात क्षेत्र में बारिश नहीं होने से राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) विभाग ने मौसम का पूरा लाभ उठाते हुए रातभर मशीनरी लगाकर मलबा हटाने और बोल्डरों को तोड़ने का अभियान जारी रखा।
एनएच अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में दिन-रात लगातार कार्य कराया जा रहा है। मौसम अनुकूल रहने पर तेजी से बोल्डर हटाकर सड़क को सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि यथाशीघ्र यातायात बहाल किया जा सके।
गौरतलब है कि हाल की भारी बारिश और भूस्खलन के कारण स्यानाचट्टी के समीप एनएच-134 का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। मार्ग पर भारी-भरकम बोल्डर और मलबा जमा होने से यातायात पूरी तरह बाधित है। फिलहाल जेसीबी, पोकलेन और अन्य भारी मशीनों की मदद से बोल्डरों को तोड़कर हटाने तथा सड़क को पुनर्स्थापित करने का कार्य लगातार जारी है।