जयप्रकाश बहुगुणा
देहरादून,
राजकीय महाविद्यालय देहरादून शहर में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘अभिविन्यास कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य अतिथि बोलते हुए संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. संगीता गुप्ता ने कहा कि भारत में उच्च शिक्षित युवाओं का भविष्य स्वर्णिम है क्योंकि देश की शिक्षा व्यवस्था तेज़ी के ज्ञान के साथ साथ कौशल, दक्षता और तकनीकी के अभूतपूर्व प्रगति वाले युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने युवाओं से परिवर्तन की इस बयार का अधिकतम लाभ लेने की अपील की ताकि उनके ज्ञान और कौशल से विकसित भारत का संकल्प पूरा हो सके। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि बोलते हुए उप निदेशक उच्च शिक्षा, प्रो. ममता ड्यून्डी नैथानी ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के पास आज आत्म-विकास के अनगिनत अवसर हैं । बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय परिवार को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक प्रो. प्रमोद डोबरियाल ने प्रधानमंत्री उद्यमी योजना सहित अनेक लाभदायक और विद्यार्थी-केंद्रित छात्रवृत्ति योजनाओं का जिक्र करते हुए नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं से इन अवसरों का लाभ लेने की अपील की। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक सुद्धोवाला की प्रधानाचार्या सरिता कटियार ने भी बतौर विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर संजय कुमार ने नई शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण आयामों की चर्चा की और भावी भारत की बौद्धिक संरचना में इसे मील का पत्थर बताया। अभिविन्यास कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में डॉ. राकेश पांडेय ने क्रेडिट फ्रेमवर्क पर, प्रोफेसर कुलदीप रावत ने डी.एस. ई. पर, डॉ. पायल अरोड़ा ने परीक्षा और मूल्यांकन पद्वति पर और डॉ. मनोज बिष्ट ने पाठ्य सहगामी कार्यकलापों के महत्व पर सारगर्भित प्रस्तुतिकरण दिया। वरिष्ठ प्रोफेसर डी.एस. मेहरा ने सभी अतिथियों और उपस्थित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का हार्दिक आभार प्रकट किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर चरण सिंह राणा द्वारा किया गया ।