
जयप्रकाश बहुगुणा
*बड़कोट /उत्तरकाशी*
बढ़ते तापमान और वनाग्नि की संभावना को देखते हुए डॉ धीरज पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक, गढवाल एवं नीतू लक्ष्मी, वन संरक्षक, यमुना वृत्त ने अपर यमुना वन प्रभाग, बडकोट का दो दिवसीय भ्रमण किया। जिसमें मुख्य वन संरक्षक, गढवाल व वन संरक्षक, यमुना वृत्त ने नौगांव रेंज अन्तर्गत डामटा क्रू-स्टेशन, बर्नीगाड क्रू स्टेशन, सौली पौधशाला, मुगरसन्ती रेंज अन्तर्गत पिरूल संग्रह केन्द्र नौगांव, प्रभाग के मास्टर कन्ट्रोल रूम सरूखेत व रवांई रेंज अन्तर्गत राड़ी क्रू-स्टेशन में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए फायर वाचरों के साथ संवाद स्थापित करते हुए वनाग्नि नियंत्रण हेतु प्रेरित किया गया। मुख्य वन संरक्षक, गढवाल ने निर्देशित किया कि उत्तराखण्ड सरकार के सहकारिता विभाग की महत्वपूर्ण घसियारी योजना का विभाग की योजनाओं के साथ केन्द्राभिसरण करते हुए स्थानीय महिलाओं को घास की आपूर्ति करने हेतु प्रयास किया जाये, जिससे स्थानीय जन सहभागिता व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए समय की बचत होने के साथ-साथ वनों पर निर्भरता कम हो जाएगी। क्रू-स्टेशनों में फायर वाचरों व फील्ड कर्मियों को निर्देशित करते हुए मुख्य वन संरक्षक, गढवाल ने निर्देशित किया कि वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु ड्रोन के माध्यम से भी गहन दृष्टि रखी जाए और जंगल में आग लगाने वाले अपराधियों पर कड़ी कार्यवाही स्थापित की जाए। सौली व छटांगा नर्सरी का निरीक्षण करते हुए मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल द्वारा सौली नर्सरी में उगाए जा रहे प्राकृतिक जंगली, फलदार, स्थानीय पौधे जैसे भमोर, घिगारू, मेहल आदि पोधों को मानव वन्यजीव संघर्ष न्यूनीकरण हेतु दीर्घकालीन एवं अत्यन्त महत्वपूर्ण बताया। मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल द्वारा रवांई रेंज अन्तर्गत बड़कोट कक्ष संख्या 5 बी में बांज वनीकरण का निरीक्षण किया गया जिसमें उनके द्वारा निर्देश दिये गये कि प्रभाग अन्तर्गत अन्य वनीकरणों की वनाग्नि नियंत्रण एवं प्रबन्धन की रूपरेखा तैयार कर प्राथमिकता से बचाये जाये। चारधाम परियोजना सम्बन्धी गठित एचपीसी के सदस्य के रूप में मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल द्वारा यमुनोत्री क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य एवं डम्पिंग स्थलों का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान रविन्द्र पुण्डीर, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग, बडकोट, साधू लाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी, अपर यमुना वन प्रभाग बडकोट, वन क्षेत्राधिकारी गोविन्द सिंह भण्डारी, शेखर सिंह राणा, आशीष नौटियाल, विवेक चौहान, सुश्री निधि, सचिन कुमार, वन दरोगा सरदार सिंह रावत, अमीन चौहान और अन्य वन कर्मी मौजूद रहे!