उत्तराखंड Express ब्यूरो
श्रीनगर गढ़वाल
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना ने बेस अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित बनाने को लेकर अहम बैठक ली। जिसमें पीआरओ, मेडिकल सोशल वेलफेयर ऑफिसरों के साथ मरीज हित से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
बैठक लेते हुए प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने, रेफर प्रणाली को मजबूत करने, इमरजेंसी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने उचित कार्य अमल में लाए जाएगे। ताकि पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी और तथा गंभीर मरीजों का उपचार पहले से अधिक व्यवस्थित और तेज़ी से हो सकेगा। प्राचार्य डॉ सयाना ने कहा कि जल्द ही चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पौड़ी और टिहरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को पत्र भेजा जाएगा।
इस व्यवस्था के तहत इन जिलों के अस्पतालों से रेफर किए जाने वाले मरीजों की जानकारी पहले ही बेस अस्पताल को उपलब्ध करा दी जाएगी ताकि अस्पताल प्रशासन मरीज के पहुंचने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर सके। इससे गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार मिलने में मदद मिलेगी।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि जौलीग्रांट अस्पताल, दून अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश के साथ भी बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। विशेष रूप से ट्रामा मरीजों के उपचार और रेफरल प्रक्रिया को लेकर एक विशेष टीम तैयार की जाएगी, जिसे प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में गंभीर मरीजों के उपचार में समय की बर्बादी रोकने के लिए मेडिकल संस्थानों के बीच एक प्रभावी कम्युनिकेशन सिस्टम विकसित किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि अधिक से अधिक मरीजों को आयुष्मान योजना, गोल्डन कार्ड और अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जल्द ही प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने की भी तैयारी की जा रही है।
बैठक में पंकज नौटियाल, मनमोहन सिंह, जतिन सिंह, अरुण बडोनी, अनुज चौहान, अंजन गैरोला, मुकेश भट्ट, भवतोशधर सेमवाल, शैलेश कुमार, विजेन्द्र मनेशा, नरेश मिश्रा, राहुल पाल, रुचि पुरोहित, नाहिद अख्तर, रुचि डोभाल, ममता रानी, प्रशांत कैतुरा आदि मौजूद थे।
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इमरजेंसी कंट्रोल ऑफिसर रूम बनेगा, तय होगा रिस्पांस टाइम—
प्राचार्य ने जानकारी दी कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक के निर्देशों के तहत जल्द ही पीआरओ कार्यालय के पास इमरजेंसी कंट्रोल ऑफिसर का अलग कमरा बनाया जाएगा। यहां से इमरजेंसी सेवाओं की निगरानी की जाएगी और मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को कितनी देर में प्राथमिक उपचार मिलेगा, इसके लिए “रिस्पांस टाइम” भी तय किया जाएगा। इससे अस्पतालों की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ेगी और मरीजों को राहत मिलेगी। मरीज सहायता कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब मरीजों की सहायता में लगे पीआरओ के पास वॉकी-टॉकी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके। इस कदम से मरीजों और तीमारदारों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा तथा आपातकालीन स्थितियों में तेजी से सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
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अस्पतालों में शराब पीकर हंगामा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई—-
अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने को लेकर भी प्रशासन सख्त नजर आया। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति वार्डों में शराब पीकर अभद्रता करता हुआ पाया गया तो उसका ब्लड सैंपल लिया जाएगा और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा अस्पतालों में शाम के समय होने वाले इवनिंग राउंड के लिए भी विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा ताकि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।